Hong Kong में गुरुवार रात लगी भीषण आग ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। शहर के घनी आबादी वाले एक residential apartment complex में अचानक लगी आग ने कुछ ही घंटों में भयावह रूप ले लिया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस हादसे में कम से कम 55 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 279 लोगों के लापता होने की पुष्टि की गई है। राहत और बचाव दल घटनास्थल पर लगातार काम कर रहे हैं, मगर स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।

यह दुर्घटना इतनी भयावह थी कि आसपास के कई इलाकों से धुएँ का गुबार उठता हुआ दिखाई दे रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार आग इतनी तेज़ी से फैली कि कई लोग अपने कमरों से बाहर निकल ही नहीं पाए। ऊँची इमारतों के ऊपरी मंज़िलों पर फँसे लोग मदद के लिए लगातार चिल्लाते रहे, जबकि दमकलकर्मी ऊपर तक पहुँचने के लिए संघर्ष करते रहे।
घटना कैसे हुई — अभी भी सवालों के घेरे में
अधिकारियों का कहना है कि आग लगने का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि शुरुआती शक यह जताया जा रहा है कि किसी एक अपार्टमेंट में विद्युत शॉर्ट-सर्किट से आग शुरू हुई और फिर देखते ही देखते उसने पूरी इमारतों को अपनी चपेट में ले लिया। चूँकि यह एक पुराना आवासीय ब्लॉक था, इसलिए सुरक्षा इंतज़ामों में खामियों की संभावना भी ज़ाहिर की जा रही है।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के बाद कुछ एलिवेटर बंद हो गए, जिससे लोग सीढ़ियों में फँस गए। कई परिवार तो सो रहे थे, जिन्हें धुएं से घिरने का पता तक नहीं चला। तेज़ हवाओं ने आग को और भड़काया और कुछ ही मिनटों में पूरा ब्लॉक आग की लपटों में घिर गया।
राहत और बचाव अभियान — दमकलकर्मियों की जंग
Hong Kong Fire Services Department के अनुसार, इस ऑपरेशन में सैकड़ों दमकलकर्मी, एम्बुलेंस और बचाव टीमें जुटाई गई हैं। रात भर चले रेस्क्यू मिशन के दौरान अग्निशमन कर्मियों ने कई लोगों को खिड़कियों और बालकनियों से निकाला। कई जगहों पर दीवारें तक तोड़कर राह बनाई गई।
धुआँ इतना घना था कि दमकलकर्मियों को उन्नत breathing apparatus का उपयोग करना पड़ा। उच्च मंज़िलों पर फँसे लोगों तक पहुँचने के लिए क्रेन और हाई-लैडर ट्रक की सहायता ली गई। लगातार बदलती हवाओं और जलती संरचनाओं के गिरने की आशंका ने राहत अभियान को और मुश्किल बना दिया था।
हादसे की भयावह तस्वीरें
घटना स्थल से सामने आए दृश्य बेहद दर्दनाक हैं। कई परिवारों के लोग अलग हो गए हैं और अपने गुमशुदा परिजनों की तलाश में अस्पतालों और राहत केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए कुछ वीडियो में नजर आता है कि लोग आखिरी क्षणों में जान बचाने के लिए खिड़कियों से कपड़े लटकाकर नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे।
चश्मदीदों ने बताया कि कुछ अपार्टमेंट्स के दरवाज़े गर्मी से पिघल गए, जबकि कुछ जगहों पर आग इतनी तेज़ थी कि लोगों को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। रातभर लगातार चीख-पुकार, सायरन और अलार्म की आवाज़ों ने माहौल को बेहद दहलाने वाला बना दिया।
अस्पतालों में अफरा-तफरी
Hong Kong के विभिन्न अस्पतालों में घायलों को भर्ती किया गया है। कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जबकि कुछ को धुएं के कारण साँस लेने में दिक्कत हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि कई मरीजों की हालत नाजुक है। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त मेडिकल टीमों को बुलाया है और ब्लड डोनेशन की अपील भी की है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
Hong Kong प्रशासन ने इस घटना को अत्यंत गंभीर मानते हुए जांच का आदेश दे दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी और हादसे के असल कारणों के लिए विशेष जांच टीम गठित की जा रही है। शहर के कई इलाकों में सुरक्षा निरीक्षण फिर से तेज़ कर दिए गए हैं ताकि ऐसे हादसों को दोबारा होने से रोका जा सके।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस दुखद घटना पर दुनिया भर से शोक संदेश आए हैं। कई देशों ने Hong Kong की जनता के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त की हैं और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश भी की है। सोशल मीडिया पर #HongKongFire लगातार ट्रेंड कर रहा है, और लोग पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं।
स्थानीय समुदाय में सदमा
घटना के बाद शहर में डर और तनाव का माहौल है। लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, खासकर वे परिवार जो इसी प्रकार की ऊँची इमारतों में रहते हैं। कई निवासी प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि पुरानी इमारतों की सुरक्षा जांच तुरंत की जाए और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त न किया जाए।
निष्कर्ष
Hong Kong में लगी यह भीषण आग आधुनिक शहरों में सुरक्षा मानकों की वास्तविकता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। जब तक पूरी जांच नहीं होती, तब तक यह कहना मुश्किल है कि यह मानव त्रुटि थी, तकनीकी खराबी या किसी तरह की लापरवाही का परिणाम। लेकिन एक बात साफ है — इस घटना ने सैकड़ों परिवारों का जीवन बदल दिया है और शहर के इतिहास में यह दिन काले अक्षरों में दर्ज हो गया है।
