बस्ती। जनपदवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए टीएन मेमोरियल हॉस्पिटल की स्थापना की गई है।
अब पेट, आंत और लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दिल्ली या लखनऊ जैसे बड़े महानगरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
अस्पताल का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर अत्याधुनिक, सुलभ और भरोसेमंद चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

टीएन मेमोरियल हॉस्पिटल के वरिष्ठ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. जीपी शुक्ला (एमबीबीएस, एमडी, डीएम गैस्ट्रो) ने बताया कि अस्पताल की स्थापना का मूल लक्ष्य गैस्ट्रो से जुड़ी जटिल बीमारियों का समय पर सटीक निदान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करना है, ताकि मरीजों को बाहर शहरों में जाने की मजबूरी न रहे।
उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान और फास्ट फूड के बढ़ते चलन के चलते पेट और लिवर संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में जनपद स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बेहद आवश्यक हो गई है।

डॉ. शुक्ला ने बताया कि टीएन मेमोरियल हॉस्पिटल में पेट, आंत, लिवर, फैटी लिवर, पीलिया, खून की उल्टी, बवासीर, कब्ज, एसिडिटी और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) जैसी बीमारियों के इलाज की संपूर्ण व्यवस्था उपलब्ध है। अस्पताल में अत्याधुनिक जांच सुविधाओं के साथ अनुभवी चिकित्सकों द्वारा मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
उन्होंने चेताया कि पेट और लिवर से जुड़ी कई बीमारियां शुरुआती लक्षणों में पहचान न होने पर गंभीर रूप ले लेती हैं। ऐसे में समय रहते जांच और उपचार ही मरीज के जीवन को सुरक्षित कर सकता है। अस्पताल में इलाज के साथ-साथ मरीजों को रोग के कारणों और उससे बचाव के उपायों की भी विस्तार से जानकारी दी जाती है।
डॉ. जीपी शुक्ला ने आमजन से जंक फूड और फास्ट फूड से परहेज करने की अपील करते हुए कहा कि यही खाद्य पदार्थ गैस्ट्रो रोगों की जड़ हैं। उन्होंने संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, योग और व्यायाम को स्वस्थ जीवन की कुंजी बताया।
अंत में उन्होंने कहा कि टीएन मेमोरियल हॉस्पिटल बस्ती व आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य देने के संकल्प के साथ कार्य कर रहा है और आने वाले समय में और भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं शुरू की जाएंगी।
रिपोर्ट : परमानन्द मिश्रा
