अवैध कच्ची शराब कार्रवाई: 100 कुंटल लहन नष्ट, होली से पहले बड़ी सख्ती
अवैध कच्ची शराब कार्रवाई के तहत जनपद बस्ती में परसरामपुर पुलिस ने होली से पहले बड़ा कदम उठाया है। त्योहारों के दौरान अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान में लगभग 100 कुंटल लहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

दिनांक 01.03.2026 को थाना परसरामपुर क्षेत्र अंतर्गत अचरवल में सघन दबिश दी गई। अवैध कच्ची शराब कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने मौके पर अवैध शराब बनाने में प्रयुक्त उपकरण भी बरामद किए। सभी उपकरणों को नियमानुसार जब्त किया गया और लहन को नष्ट किया गया।
होली से पहले विशेष अभियान
होली के त्योहार पर अवैध शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पहले से सतर्क हैं। अवैध कच्ची शराब कार्रवाई इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य त्योहार को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाना है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अवैध शराब का सेवन न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि यह लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है।
100 कुंटल लहन नष्ट, उपकरण जब्त
दबिश के दौरान लगभग 100 कुंटल लहन बरामद हुआ, जिसका उपयोग कच्ची शराब बनाने में किया जाता है। अवैध कच्ची शराब कार्रवाई के तहत इसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया ताकि दोबारा इसका उपयोग न हो सके।

पुलिस टीम ने अवैध शराब बनाने के उपकरणों को भी जब्त किया। यह स्पष्ट संकेत है कि प्रशासन किसी भी स्तर पर गैरकानूनी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
कानूनी सख्ती और चेतावनी
अवैध कच्ची शराब कार्रवाई के बाद थाना परसरामपुर ने स्पष्ट किया है कि निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। संबंधित धाराओं के तहत दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब का निर्माण या बिक्री होती दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सामूहिक सहयोग से ही ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है।
एवरग्रीन संदेश: सुरक्षा सबसे पहले
त्योहार खुशियों का समय होता है, लेकिन अवैध गतिविधियां इन खुशियों पर ग्रहण लगा सकती हैं। अवैध कच्ची शराब कार्रवाई यह बताती है कि प्रशासन त्योहारों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और सख्ती दोनों जरूरी हैं। अवैध शराब न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि सामाजिक व्यवस्था को भी प्रभावित करती है।

अवैध कच्ची शराब कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी और समय-समय पर छापेमारी आवश्यक है। आने वाले समय में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे, जिससे जनपद में सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
यह कार्रवाई उन लोगों के लिए चेतावनी है जो अवैध धंधे के जरिए लाभ कमाने की कोशिश करते हैं। साथ ही यह आम नागरिकों के लिए भरोसे का संदेश भी है कि प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए सतर्क और सक्रिय है।
रिपोर्ट : परमानंद मिश्रा
