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4 Jun 2026, Thu

बस्ती में अवैध ई-टिकट कारोबार का खुलासा, युवक गिरफ्तार

बस्ती अवैध ई-टिकट कारोबार

By Editor Aijaz Alam Khan

बस्ती अवैध ई-टिकट कारोबार

बस्ती में अवैध ई-टिकट कारोबार का बड़ा खुलासा, पेड़ के नीचे मोबाइल से टिकट बना रहा था युवक गिरफ्तार

बस्ती अवैध ई-टिकट कारोबार मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मुंडेरवा थाना क्षेत्र में चल रहे अवैध रेलवे ई-टिकट नेटवर्क का खुलासा करते हुए आरपीएफ टीम ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी सड़क किनारे पेड़ के नीचे बैठकर मोबाइल फोन से यात्रियों के टिकट बना रहा था और बदले में अतिरिक्त रकम वसूल रहा था।

आरपीएफ के मुताबिक आरोपी यात्रियों से प्रति टिकट 150 से 200 रुपये तक अतिरिक्त चार्ज लेता था। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। रेलवे सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।

लखनऊ से मिले इनपुट के बाद हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार रेलवे सुरक्षा बल को लखनऊ से कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर और यूजर आईडी की सूचना मिली थी। इन सूचनाओं के सत्यापन के लिए आरपीएफ की टीम लगातार जांच कर रही थी। जांच के दौरान मुंडेरवा थाना क्षेत्र के ओरावारा गांव के पास संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं।

इसके बाद उप निरीक्षक लाल साहब सिंह के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। आरपीएफ टीम ने गांव के दक्षिण दिशा में लगभग 50 मीटर दूर सड़क किनारे पेड़ के नीचे बैठे युवक को पकड़ा। आरोपी मौके पर मोबाइल के जरिए रेलवे ई-टिकट बनाते हुए मिला।

मोबाइल से बनाता था टिकट, ग्राहकों से करता था अतिरिक्त वसूली

आरपीएफ की पूछताछ में आरोपी की पहचान बृजेश कुमार उर्फ दुर्गेश निवासी ओरावारा, थाना मुंडेरवा के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि आरोपी किसी अधिकृत एजेंट की तरह काम नहीं कर रहा था, बल्कि निजी यूजर आईडी का इस्तेमाल कर यात्रियों के टिकट बुक करता था।

बताया गया कि आरोपी तत्काल टिकट और कन्फर्म सीट के नाम पर यात्रियों से अतिरिक्त पैसे वसूलता था। प्रति टिकट वह 150 से 200 रुपये तक अतिरिक्त चार्ज ले रहा था। लंबे समय से यह काम किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार आरोपी अक्सर सड़क किनारे बैठकर मोबाइल फोन पर टिकट बुकिंग करता दिखाई देता था। हालांकि किसी को अंदाजा नहीं था कि यह अवैध कारोबार का हिस्सा है।

6 यूजर आईडी और कई टिकट बरामद

आरपीएफ की तलाशी के दौरान आरोपी के पास से कुल 6 पर्सनल यूजर आईडी बरामद हुईं। इसके अलावा 2 लाइव ई-टिकट और 2 पुराने टिकट भी मिले हैं। बरामद टिकटों की कुल कीमत 12,177.06 रुपये बताई गई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी एजेंट आईडी का इस्तेमाल नहीं कर रहा था। साथ ही उसके पास कोई प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर भी नहीं मिला। इसके बावजूद निजी आईडी के जरिए व्यावसायिक तरीके से टिकट बनाना नियमों के खिलाफ माना गया है।

रेलवे सुरक्षा बल ने आरोपी के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

आरपीएफ टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप

इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध टिकट कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि रेलवे टिकटों की कालाबाजारी और अवैध बुकिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

रेलवे यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट बुक कराएं और किसी अनधिकृत व्यक्ति को अतिरिक्त रकम न दें। इससे यात्रियों को धोखाधड़ी और कानूनी परेशानियों से बचाया जा सकता है।

इस पूरी कार्रवाई में हेड कांस्टेबल बीरबल उरांव, कांस्टेबल मोहम्मद शमशाद मंसूरी, राजकुमार सिंह और सीआईबी गोरखपुर के एचसी धीरेंद्र प्रताप सिंह की अहम भूमिका रही।

रेलवे ने यात्रियों को दी बड़ी सलाह

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कई लोग जल्दी टिकट पाने के लालच में अनधिकृत लोगों से संपर्क कर लेते हैं। ऐसे मामलों में यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ फर्जी टिकट का भी खतरा रहता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक रेलवे टिकट केवल अधिकृत एजेंट, IRCTC वेबसाइट या आधिकारिक ऐप के जरिए ही बुक कराने चाहिए। इससे यात्रियों का डेटा और पैसा दोनों सुरक्षित रहते हैं।

अगर आपके आसपास भी कोई व्यक्ति अवैध तरीके से रेलवे टिकट बनाता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या संबंधित अधिकारियों को दें।

बस्ती अवैध ई-टिकट कारोबार मामले में हुई यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है। पेड़ के नीचे बैठकर मोबाइल से चल रहे इस अवैध कारोबार का खुलासा होने के बाद रेलवे प्रशासन सतर्क हो गया है। आने वाले दिनों में ऐसे मामलों पर और कड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

AKP News 786