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17 Jun 2026, Wed

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2026: सूफ़ी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी ने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की अपील की

By Editor Aijaz Alam Khan

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2026: सूफ़ी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी ने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की अपील की

बस्ती, 12 जून। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2026 के अवसर पर आलम रूहानी मिशन ट्रस्ट के अध्यक्ष सूफ़ी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी ने समाज से बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्थान कारखानों, दुकानों और मजदूरी के कार्यों में नहीं, बल्कि विद्यालयों, खेल के मैदानों और बेहतर भविष्य के निर्माण में है।

बच्चों की शिक्षा ही समाज की असली पहचान

सूफ़ी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी ने कहा कि किसी भी सभ्य और विकसित समाज की पहचान उसके बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और खुशहाली से होती है। यदि बच्चे शिक्षित होंगे, तो देश और समाज का भविष्य भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है।

बाल श्रम आज भी एक गंभीर चुनौती

उन्होंने कहा कि आज भी अनेक बच्चे गरीबी, मजबूरी और जागरूकता की कमी के कारण बाल श्रम का शिकार हो रहे हैं। यह स्थिति उनके बचपन, शिक्षा और भविष्य के लिए बेहद हानिकारक है। बाल श्रम बच्चों को उनके अधिकारों से वंचित कर देता है और उनके समग्र विकास में बाधा उत्पन्न करता है।

उन्होंने कहा कि बाल श्रम केवल एक सामाजिक समस्या नहीं बल्कि मानवता के सामने एक बड़ी चुनौती है, जिसका समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी

सूफ़ी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह बाल श्रम को रोकने में अपना योगदान दे तथा बच्चों को शिक्षा और उनके वैधानिक अधिकार दिलाने में सहयोग करे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी बच्चे से मजदूरी न करवाएं और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करें।

बच्चों को मिले बेहतर भविष्य का अवसर

उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। बच्चों को शिक्षा से जोड़ना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। जब तक हर बच्चा स्कूल नहीं पहुंचेगा, तब तक बाल श्रम के खिलाफ लड़ाई पूरी तरह सफल नहीं हो सकती।

सूफ़ी संदेश

“बच्चों के हाथों में कलम और किताब हो, यही एक विकसित और खुशहाल समाज की पहचान है।”

— सूफ़ी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी
अध्यक्ष, आलम रूहानी मिशन ट्रस्ट

निष्कर्ष

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 2026 हमें यह संदेश देता है कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। समाज, सरकार और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से ही बाल श्रम जैसी गंभीर समस्या का समाधान संभव है। बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर अवसर प्रदान करना ही एक विकसित और खुशहाल समाज की नींव है।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस हर वर्ष 12 जून को मनाया जाता है।

बाल श्रम बच्चों के लिए क्यों हानिकारक है?

बाल श्रम बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है तथा उनके विकास में बाधा बनता है।

बाल श्रम रोकने में समाज की क्या भूमिका है?

समाज जागरूकता फैलाकर, बच्चों को शिक्षा से जोड़कर और उनके अधिकारों की रक्षा करके महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

सूफ़ी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी ने क्या अपील की?

उन्होंने लोगों से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, बाल श्रम रोकने और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की।

संदर्भ: आलम रूहानी मिशन ट्रस्ट द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, बस्ती, 12 जून 2026।

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