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4 Jun 2026, Thu

Basti Hospital Negligence Case बस्ती में अस्पताल पर 5.30 लाख जुर्माना, ऑपरेशन में पेट में छूटा तौलिया

Basti Hospital Negligence Case

By Editor Aijaz Alam Khan

Basti Hospital Negligence Case

बस्ती में अस्पताल पर 5.30 लाख का जुर्माना, ऑपरेशन में महिला के पेट में छूटा तौलिया

बस्ती: जिले में एक निजी अस्पताल की कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। जिला उपभोक्ता फोरम ने गर्भवती महिला के ऑपरेशन में लापरवाही बरतने के आरोप में एक निजी अस्पताल को दोषी ठहराते हुए 5.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस मामले में नवजात की मौत और महिला के पेट में तौलिया का टुकड़ा छूट जाने का आरोप लगाया गया था।

फोरम के इस फैसले के बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बेहद गंभीर है।

जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनाया बड़ा फैसला

Basti Hospital Negligence Case की सुनवाई जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष न्यायाधीश अमरजीत वर्मा और सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने की। फोरम ने अस्पताल प्रबंधन को पीड़िता को कुल 5.30 लाख रुपये देने का आदेश दिया।

फैसले के अनुसार, पीड़िता को चार लाख रुपये उपचार खर्च के रूप में और 1.30 लाख रुपये मानसिक एवं शारीरिक क्षति के मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे।

प्रसव के लिए अस्पताल में कराया गया था भर्ती

यह मामला मुंडेरवा थाना क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी सरिता पत्नी कृष्णा से जुड़ा है। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता शिव कुमार त्रिपाठी के माध्यम से परिवाद दाखिल किया गया था।

परिवाद के अनुसार, 14 अगस्त 2021 को सरिता को प्रसव के लिए शहर स्थित शंभूनाथ शुक्ला एस.एस. मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया था। उसी दिन ऑपरेशन के जरिए बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन जन्म के कुछ ही समय बाद नवजात की मौत हो गई।

महिला को 23 अगस्त 2021 को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन इसके बाद उसकी परेशानी लगातार बढ़ती गई।

ऑपरेशन के बाद लगातार बना रहा दर्द

पीड़िता का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद उसके पेट और नाभि के आसपास असहनीय दर्द बना रहा। उसने अस्पताल के डॉक्टरों समेत कई अन्य चिकित्सकों से इलाज कराया लेकिन कोई राहत नहीं मिली।

स्थिति लगातार बिगड़ने पर आखिरकार महिला को इलाज के लिए एम्स दिल्ली ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोबारा ऑपरेशन करने का फैसला लिया।

एम्स दिल्ली में सामने आई बड़ी लापरवाही

18 दिसंबर 2021 को एम्स दिल्ली में हुए ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट से तौलिया का एक टुकड़ा निकाला गया। पीड़िता का आरोप है कि यह तौलिया पहले ऑपरेशन के दौरान ही पेट में छूट गया था।

बताया गया कि एम्स की डिस्चार्ज समरी में भी पूर्व ऑपरेशन में लापरवाही का उल्लेख किया गया। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया।

इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अस्पताल ने लापरवाही से किया इनकार

मामले की सुनवाई के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने खुद को निर्दोष बताते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें और दस्तावेजों की जांच के बाद जिला उपभोक्ता फोरम ने अस्पताल को दोषी माना।

फोरम ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर पीड़िता के आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल

Basti Hospital Negligence Case सामने आने के बाद जिले में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि मरीजों की जान से जुड़े मामलों में अधिक जिम्मेदारी और सावधानी बरतने की जरूरत है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी होता है। छोटी सी चूक भी मरीज के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

बस्ती में सामने आया यह मामला चिकित्सा क्षेत्र में सावधानी और जवाबदेही की अहमियत को फिर उजागर करता है। जिला उपभोक्ता फोरम के फैसले ने यह संदेश दिया है कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।

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