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17 Jun 2026, Wed

बागेश्वर धाम कथा बस्ती 2027: 600 KM पैदल यात्रा के बाद गोविंद दास का बड़ा ऐलान

By Editor Aijaz Alam Khan

बागेश्वर धाम कथा बस्ती 2027: 600 KM पैदल यात्रा के बाद गोविंद दास का बड़ा ऐलान

उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के लिए एक बड़ी धार्मिक और आध्यात्मिक खबर सामने आई है। बागेश्वर धाम कथा बस्ती 2027 को लेकर पैदल धाम के संस्थापक गोविंद दास ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि वर्ष 2027 में बस्ती की पावन धरती पर परमपूज्य बागेश्वर धाम सरकार की भव्य और दिव्य कथा का आयोजन किया जाएगा।

इस संकल्प को पूरा करने के लिए गोविंद दास ने बस्ती से मध्य प्रदेश स्थित बागेश्वर धाम तक लगभग 600 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा पूरी की। यह यात्रा 36 दिनों तक चली, जिसमें उन्हें कई चुनौतियों और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

36 दिनों में पूरी की 600 किलोमीटर की पदयात्रा

बागेश्वर धाम कथा बस्ती 2027 के संकल्प को लेकर निकले गोविंद दास ने बताया कि उनकी यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन के लिए नहीं थी, बल्कि समाज को जागरूक करने और सनातन धर्म को मजबूत करने का भी उद्देश्य था।

उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न गांवों और शहरों में लोगों को सनातन संस्कृति, गौ संरक्षण और राष्ट्रहित के विषय में जागरूक किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता स्थापित करना और लोगों को धर्म एवं संस्कृति से जोड़ना था।

महाराज जी ने दिया कथा आयोजन का वचन

गोविंद दास ने प्रेस वार्ता में बताया कि बागेश्वर धाम पहुंचने के बाद उनकी मुलाकात परमपूज्य महाराज जी से हुई। इस दौरान उन्होंने बस्ती में कथा आयोजन का प्रस्ताव रखा।

उन्होंने दावा किया कि महाराज जी ने उनकी बात को गंभीरता से सुना और बागेश्वर धाम कथा बस्ती 2027 के आयोजन के लिए सहमति प्रदान की। गोविंद दास के अनुसार, महाराज जी ने मार्च-अप्रैल 2027 के दौरान बस्ती में कथा करने का वचन दिया है।

उन्होंने इस अवसर पर परमपूज्य राजू दास महाराज का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उनके प्रस्ताव को प्रभावी रूप से महाराज जी के समक्ष रखा।

यात्रा के दौरान आई कई कठिनाइयां

गोविंद दास ने बताया कि उनकी पदयात्रा आसान नहीं थी। यात्रा के दौरान कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा यात्रा में व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश भी की गई।

इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। लेकिन तमाम कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपने संकल्प को नहीं छोड़ा और भगवान श्रीराम का स्मरण करते हुए यात्रा को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

उन्होंने कहा कि जब उद्देश्य समाज और धर्म की सेवा हो तो कठिनाइयां मार्ग का हिस्सा बन जाती हैं। दृढ़ संकल्प और आस्था के बल पर हर चुनौती को पार किया जा सकता है।

सनातन समाज को एकजुट करने का प्रयास

बागेश्वर धाम कथा बस्ती 2027 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह सनातन समाज को एकजुट करने का एक बड़ा मंच बनेगा। गोविंद दास ने कहा कि आज समाज को एकता और जागरूकता की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि कथा के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं को सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और राष्ट्र सेवा के संदेश से जोड़ा जाएगा। यह आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बस्ती में होगा सनातन का महाकुंभ

गोविंद दास ने कहा कि वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली बागेश्वर धाम कथा बस्ती 2027 एक ऐतिहासिक आयोजन साबित होगी। उन्होंने इसे सनातन का महाकुंभ बताते हुए कहा कि लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जाएंगी। इसके लिए समाज के विभिन्न वर्गों को साथ जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

समिति गठन की तैयारी शुरू

उन्होंने बताया कि कथा आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही एक समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में समाज के बुद्धिजीवी, प्रबुद्ध नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और धर्मप्रेमी लोगों को शामिल किया जाएगा।

समिति आयोजन की रूपरेखा तैयार करेगी और विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्धारण करेगी। इसके साथ ही समय-समय पर प्रेस वार्ता के माध्यम से जनता को तैयारियों की जानकारी भी दी जाएगी।

सनातन धर्मावलंबियों से किया विशेष आह्वान

गोविंद दास ने बस्ती जनपद और आसपास के क्षेत्रों के सभी सनातन धर्मावलंबियों से अपील की कि वे अभी से बागेश्वर धाम कथा बस्ती 2027 की तैयारियों में सहयोग देना शुरू करें।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे समाज का आयोजन होगा। इसके लिए तन, मन और धन से सहयोग की आवश्यकता होगी।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के इस अभियान में सहभागी बनें और आयोजन को ऐतिहासिक सफलता दिलाने में योगदान दें।

संकल्प और आस्था की मिसाल बनी पदयात्रा

गोविंद दास ने कहा कि भगवान श्रीराम और ऋषि-मुनियों ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया है। उसी प्रेरणा से उन्होंने भी इस कठिन पदयात्रा को पूरा किया।

उन्होंने कहा कि उनका संकल्प केवल कथा आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सनातन संस्कृति को मजबूत करने का भी है।

कुल मिलाकर बागेश्वर धाम कथा बस्ती 2027 को लेकर की गई यह घोषणा बस्ती और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी मानी जा रही है। यदि यह आयोजन निर्धारित समय पर संपन्न होता है तो यह क्षेत्र के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक साबित हो सकता है और सनातन संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

रिपोर्ट : रिजवान खान

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