बस्ती सड़क हादसा
By Editor Aijaz Alam Khan
बस्ती सड़क हादसा: पेड़ से टकराई बाइक, मदद कर रहे युवक को बस ने कुचला, 2 की दर्दनाक मौत
बस्ती सड़क हादसा ने बुधवार सुबह पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मुण्डेरवा थाना क्षेत्र के बस्ती-कांटे मार्ग पर बनकसही गांव के पास हुए इस भीषण हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा इतना दर्दनाक था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार बस चालक की तलाश शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बुधवार भोर में सड़क पर हल्की आवाजाही थी। इसी दौरान अचानक हुई इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
बस्ती सड़क हादसा कैसे हुआ?
जानकारी के मुताबिक पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के दक्षिण दरवाजा निवासी 22 वर्षीय अंगद गुप्ता और 21 वर्षीय आदित्य निषाद मोटरसाइकिल से गोरखपुर मछली लेने जा रहे थे। दोनों युवक सुबह-सुबह बस्ती-कांटे मार्ग से गुजर रहे थे।
बताया जा रहा है कि बनकसही गांव के पास सड़क किनारे एक पेड़ गिरा हुआ था। अंधेरा और तेज रफ्तार के कारण बाइक चालक समय रहते बाइक को नियंत्रित नहीं कर सका और बाइक सीधे पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग घायलों की तरफ दौड़े और पुलिस को सूचना दी गई।
घायलों की मदद कर रहे युवक की मौके पर मौत
बस्ती सड़क हादसा उस समय और भी दर्दनाक हो गया जब घायलों की मदद कर रहे एक युवक को तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी।
मिली जानकारी के अनुसार सल्टौवा गोपालपुर थाना क्षेत्र के सोनहा गांव निवासी 22 वर्षीय सूरज कुमार अपने साथियों के साथ बारात से लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने सड़क किनारे घायल पड़े युवकों को देखा और मदद के लिए रुक गए।
इसी दौरान बस्ती की तरफ से गोरखपुर जा रही एक तेज रफ्तार अज्ञात बस ने सूरज को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि सूरज की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बस चालक वाहन लेकर फरार हो गया।
स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे स्वास्थ्यकर्मियों ने घायल अंगद और आदित्य को जिला अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने अंगद गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। वहीं आदित्य निषाद की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार युवक को सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
घटना की खबर मिलते ही मृतकों के परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल परिसर में रोने-बिलखने की आवाजें गूंजती रहीं। परिजनों का कहना है कि एक ही पल में उनके घर की खुशियां उजड़ गईं।
इस बस्ती सड़क हादसा के बाद स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे पड़े पेड़ और तेज रफ्तार वाहनों की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
पुलिस ने शुरू की बस चालक की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही मुण्डेरवा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की जा रही है ताकि फरार बस और उसके चालक की पहचान की जा सके। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बस काफी तेज रफ्तार में थी।
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बस्ती सड़क हादसा के बाद इलाके में मातम
बस्ती सड़क हादसा के बाद मृतकों के गांवों में मातम पसरा हुआ है। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने बताया कि अंगद और सूरज दोनों ही मेहनती युवक थे और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मृतकों के घर पहुंच रहे हैं और परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग हादसे को लेकर दुख जता रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर सड़क किनारे पड़े पेड़ को समय रहते हटाया गया होता तो शायद यह हादसा टल सकता था।
सड़क सुरक्षा को लेकर उठे बड़े सवाल
यह बस्ती सड़क हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे और मुख्य मार्गों पर समय-समय पर निरीक्षण जरूरी है ताकि सड़क पर पड़े अवरोधों को तुरंत हटाया जा सके।
इसके अलावा तेज रफ्तार बसों और भारी वाहनों पर निगरानी बढ़ाने की भी जरूरत बताई जा रही है। आए दिन हो रहे सड़क हादसे लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
यदि प्रशासन समय रहते सख्त कदम उठाए तो ऐसे दर्दनाक हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
बस्ती सड़क हादसा ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। कुछ ही मिनटों में तीन परिवारों की जिंदगी बदल गई। जहां दो घरों के चिराग बुझ गए, वहीं एक युवक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और फरार बस चालक को जल्द गिरफ्तार करने की है।
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रिजवान खान की रिपोर्ट
AKP News 786
