उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती अंतर्गत विकास खण्ड हर्रैया से ग्रामीण आवास योजना में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। विकास खण्ड क्षेत्र हर्रैया निवासी कृष्णा प्रसाद पुत्र पन्डोही ने खण्ड विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि ग्राम आमभारी निवासी रामरती पत्नी रामसुख को वर्ष 2020–21 में ग्रामीण आवास का आवंटन आवासीय भूमि पर किया गया था, लेकिन आवास निर्माण वास्तविक रूप से कभी हुआ ही नहीं।
शिकायत के अनुसार, रामरती के नाम से पूर्व से खेतिहर भूमि में सिंचाई हेतु लगी बोरिंग मशीन के पास बने ढांचे को ही ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान की कथित मिलीभगत से त्रुटिपूर्ण तरीके से आवास सत्यापित कर दिया गया। इसके आधार पर सरकारी धन का भुगतान करा लिया गया, जबकि निर्धारित आवासीय भूमि पर आज तक किसी प्रकार का भवन निर्माण नहीं हुआ।
मुख्य विकास अधिकारी को भी दी गई जानकारी
कृष्णा प्रसाद ने इस मामले की जानकारी पत्र के माध्यम से मुख्य विकास अधिकारी, जनपद बस्ती को भी दी। आरोप है कि इसके बावजूद तथ्यों के विपरीत असत्य जांच आख्या प्रस्तुत कर दी गई, जिससे न केवल मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हुई, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग पर पर्दा डालने का प्रयास भी हुआ।
सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप

प्रार्थना पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आवास निर्माण की धनराशि का दुरुपयोग व हजम किया गया है और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की गहन, तथ्याधारित एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई हो तथा सरकारी धन का प्रत्यावर्तन (रिकवरी) सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासन की परीक्षा
यह मामला न केवल ग्रामीण आवास योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही की भी कड़ी परीक्षा है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है और क्या वास्तव में सत्यपरक कार्रवाई हो पाती है या नहीं।
— जनहित से जुड़ा मामला, प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा
रिपोर्ट : रिज़वान खान
AKP News 786
