बस्ती: मौसम के बदलते मिज़ाज के साथ सर्दी ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। जनपद बस्ती सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह और देर रात घना कोहरा छाया रहने लगा है, जिससे सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है। दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बढ़ रही है। इसी को लेकर बस्ती की एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेयी ने वाहन चालकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

एआरटीओ प्रशासन बस्ती, माला बाजपेयी ने बताया कि कोहरे के कारण सड़क पर सामने की स्थिति स्पष्ट दिखाई नहीं देती, जिससे छोटे-से असावधान क्षण में भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में वाहन चालकों को चाहिए कि वे बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाएँ और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें। लापरवाही न सिर्फ स्वयं के लिए, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी खतरा बन सकती है।
उन्होंने बताया कि घने कोहरे में दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से हेडलाइट जलाकर वाहन चलाना चाहिए। हेडलाइट जलने से चालक को आगे का रास्ता देखने में सुविधा मिलती है और सामने से आ रहे वाहन भी समय रहते दिखाई दे जाते हैं। इससे अचानक टकराव या ब्रेक लगाने की स्थिति से बचा जा सकता है। जहां संभव हो, वहां फॉग लाइट का प्रयोग भी किया जाए, ताकि दृश्यता कुछ हद तक बेहतर हो सके।
एआरटीओ माला बाजपेयी ने सड़क पर बनी सफेद पट्टियों (लेन मार्किंग) का पालन करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब कोहरा इतना घना हो कि आगे कुछ मीटर से ज्यादा दिखाई न दे, तब ये सफेद पट्टियां वाहन चालकों के लिए मार्गदर्शक का काम करती हैं। लेन में रहकर वाहन चलाने से दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाती है। कोहरे में बार-बार लेन बदलना या ओवरटेक करना बेहद खतरनाक हो सकता है।
दोपहिया वाहन चालकों के लिए उन्होंने विशेष रूप से हेलमेट पहनने की अपील की। एआरटीओ प्रशासन ने कहा कि हेलमेट सिर्फ चालान से बचने का साधन नहीं है, बल्कि यह जीवन रक्षक सुरक्षा कवच है। कोहरे में सड़क फिसलन भरी हो सकती है और अचानक ब्रेक लगने या संतुलन बिगड़ने की स्थिति में हेलमेट सिर को गंभीर चोट से बचाता है। कई मामलों में हेलमेट ने लोगों की जान बचाई है, इसलिए इसका उपयोग हर हाल में किया जाना चाहिए।
चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने के निर्देश देते हुए माला बाजपेयी ने कहा कि सीट बेल्ट दुर्घटना के समय शरीर को सुरक्षित स्थिति में रखती है। इससे गंभीर चोटों की आशंका कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग छोटी दूरी के लिए सीट बेल्ट लगाने को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कोहरे जैसे मौसम में यह आदत जानलेवा साबित हो सकती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोहरे के दौरान तेज गति से वाहन चलाना सबसे बड़ी भूल है। सीमित दृश्यता में तेज रफ्तार वाहन पर नियंत्रण खोने की आशंका बनी रहती है। इसलिए वाहन की गति नियंत्रित रखें, आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें।
एआरटीओ प्रशासन ने शराब या किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन कर वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि नशे की हालत में प्रतिक्रिया समय कम हो जाता है, और कोहरे में यह स्थिति और भी खतरनाक बन जाती है। इसके साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें, क्योंकि एक पल की चूक भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
माला बाजपेयी ने यह भी कहा कि वाहन चालकों को यात्रा से पहले अपने वाहन की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए। ब्रेक, टायर, लाइट, इंडिकेटर और वाइपर सही स्थिति में हों, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। साथ ही समय से घर से निकलें, ताकि जल्दबाजी में तेज रफ्तार से वाहन चलाने की मजबूरी न हो।
अंत मे एआरटीओ प्रशासन बस्ती माला बाजपेयी ने आमजन से अपील की कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। सड़क पर बरती गई सावधानी न सिर्फ एक व्यक्ति, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों की रक्षा करती है। घने कोहरे में संयम, सतर्कता और नियमों का पालन ही सुरक्षित यात्रा का एकमात्र रास्ता है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), बस्ती द्वारा जारी की गई है।
प्रदूषण जांच शुल्क में वृद्धि, 1 जनवरी 2026 से नई दरें लागू
बस्ती।
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि उत्तर प्रदेश शासन, परिवहन अनुभाग के कार्यालय ज्ञाप संख्या-14/2020/तीस-4-2020 दिनांक 20 अक्टूबर 2020 के तहत उत्तर प्रदेश ऑनलाइन मोटर वाहन प्रदूषण जाँच केंद्र योजना–2020 के नियमों में स्पष्ट प्रावधान किया गया है। योजना के उपनियम (ii) के अनुसार ऑनलाइन प्रदूषण प्रमाण-पत्र निर्गत किए जाने हेतु प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में 5 प्रतिशत की वृद्धि अनुमन्य होगी, जिसे न्यूनतम रुपये में पूर्णांकित किया जाएगा।
इसी नियम के क्रम में परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदूषण जाँच केंद्रों के शुल्क में संशोधन करते हुए 1 जनवरी 2026 से नई दरें लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए प्रदूषण जांच शुल्क में वृद्धि की गई है।
नई शुल्क दरें (01.01.2026 से प्रभावी):
दो पहिया वाहन (पेट्रोल चालित): 70 रुपये
तीन पहिया वाहन (पेट्रोल/एलपीजी/सीएनजी): 30 रुपये
चार पहिया वाहन (पेट्रोल/एलपीजी/सीएनजी): 90 रुपये
डीजल वाहन: 120 रुपये
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे समय से अपने वाहनों की प्रदूषण जांच कराएं और वैध प्रदूषण प्रमाण-पत्र अवश्य बनवाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यातायात नियमों का भी पालन सुनिश्चित किया जा सके।
यह जानकारी माला बाजपेयी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), बस्ती द्वारा जारी की गई है।
परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट
AKP News 786
