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2 Mar 2026, Mon

इटावा में चंद्रशेखर आज़ाद बलिदान दिवस समारोह, भव्य प्रदर्शनी और चंबल वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित

चंद्रशेखर आज़ाद बलिदान दिवस समारोह

By Aijaz Alam Khan

इटावा में चंद्रशेखर आज़ाद बलिदान दिवस समारोह का भव्य आयोजन

इटावा जनपद में चंद्रशेखर आज़ाद बलिदान दिवस समारोह के अवसर पर चंबल संग्रहालय, पंचनद द्वारा लाल सेना स्मारक, लुहिया खुर्द गांव में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ तथा अमर शहीद चंद्रशेखर आज़ाद को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।

दुर्लभ प्रदर्शनी का हुआ उद्घाटन

इस अवसर पर आज़ाद के जीवन और क्रांतिकारी योगदान पर केंद्रित एक दुर्लभ प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का उद्घाटन गुरुकुल महाविद्यालय ततारपुर, हापुड़ के उप-प्राचार्य आचार्य कुशलदेव ने किया। प्रदर्शनी में भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़ी ऐतिहासिक और दुर्लभ सामग्रियों को प्रदर्शित किया गया, जिसने दर्शकों को स्वतंत्रता संग्राम की याद दिला दी।

चंद्रशेखर आज़ाद बलिदान दिवस समारोह

सेमीनार में आज़ाद के विचारों पर विशेष व्याख्यान

कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित सेमीनार सत्र में उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान की ओर से आज़ाद और संस्कृत विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। आचार्य कुशलदेव ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद बलिदान दिवस समारोह केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को आत्मसात करने का भी समय है।

साहित्यिक पत्रिका ‘किस्सा कोताह’ के संपादक ए. असफल ने कहा कि आज़ाद का संदेश था— “दुश्मन की गोलियों का सामना करो, पर कभी समर्पण मत करो।” उन्होंने बताया कि आज़ाद महिलाओं के प्रति विशेष सम्मान रखते थे और अंग्रेज शासन उनसे भयभीत रहता था।

चंद्रशेखर आज़ाद बलिदान दिवस समारोह

चंबल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन

समारोह के तहत चंबल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भी आयोजन किया गया। उद्घाटन क्रांतिकारी लेखक एवं विचारक देवेंद्र सिंह चौहान ने फीता काटकर किया। इस प्रतियोगिता में विवेक विहार, सैफई, कुसैली (ए), कुसैली (बी), गंगापुरा, हैवरा, दरयाय के नगरा तथा लुहिया खुर्द की टीमों ने हिस्सा लिया।

फाइनल मुकाबला हेवरा और कुसैली (ए) के बीच खेला गया, जिसमें 6 पॉइंट की बढ़त के साथ हेवरा टीम ने जीत दर्ज की। विजेता और उपविजेता टीमों को शील्ड एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।

चंद्रशेखर आज़ाद बलिदान दिवस समारोह

चंबल क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों को मिला सम्मान

अतिथि गजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि चंबल घाटी को वर्षों तक गलत छवि के साथ जोड़ा गया, लेकिन डॉ. शाह आलम राणा और इतिहासकार देवेंद्र सिंह चौहान के प्रयासों से अब इस क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों को उचित सम्मान मिल रहा है।

सूरज रेखा त्रिपाठी एडवोकेट ने आज़ाद को क्रांतिकारी संगठन का ‘सुपर हीरो’ बताया। अध्यक्षता करते हुए देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सहस्त्रों शहीदों में आज़ाद एक जगमगाते सितारे हैं।

चंद्रशेखर आज़ाद बलिदान दिवस समारोह

प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रहीं ऐतिहासिक वस्तुएं

महुवा डाबर संग्रहालय के सहयोग से आयोजित प्रदर्शनी में वर्ष 1926 के काकोरी केस की चार्जशीट, आज़ाद के अंतिम दर्शन के चित्र, अल्फ्रेड पार्क में शहादत के बाद का दृश्य, आज़ाद का कोल्ट रिवॉल्वर, प्रतिबंधित पुस्तकें और ऐतिहासिक समाचार पत्रों की प्रतियां प्रदर्शित की गईं। वर्ष 1922 में बनारस से लिखा गया आज़ाद का पत्र भी आकर्षण का केंद्र रहा।

सहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का संचालन चंद्रोदय सिंह चौहान ने किया। इस अवसर पर चन्द्रवीर चौहान, धर्मेन्द्र सिकरवार, अशोक यादव, जय प्रकाश सोनी, जयेन्द्र चौहान, आसिव शंखवार, अमर सिंह तोमर सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में सभी खिलाड़ियों एवं अतिथियों ने सहभोज में भाग लिया।

चंद्रशेखर आज़ाद बलिदान दिवस समारोह

चंद्रशेखर आज़ाद बलिदान दिवस समारोह ने एक बार फिर युवाओं को राष्ट्रभक्ति और त्याग की भावना से प्रेरित किया। यह आयोजन न केवल इतिहास को जीवंत करने का माध्यम बना, बल्कि समाज में जागरूकता और एकता का संदेश भी दे गया।

ब्यूरो रिपोर्ट

AKP News 786