बस्ती – बदलते मौसम के साथ ठंड धीरे-धीरे अपना असर दिखाने लगी है। आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सुबह, शाम और रात के समय ठंड का प्रभाव साफ महसूस किया जा रहा है, लेकिन नगर पालिका की ओर से आम लोगों को ठंड से बचाव के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है।
किसी भी चौराहे या सार्वजनिक स्थल पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। न ही रैन बसेरों, आश्रय स्थलों अथवा बुजुर्गों और गरीबों के लिए आवश्यक ठंड से बचाव की सामग्री उपलब्ध कराई गई है। प्रशासन की सक्रियता कहीं नजर नहीं आ रही है, जबकि मौसम विभाग आने वाले दिनों में कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी पहले ही दे चुका है।
नगर पालिका की उदासीनता यह साफ दर्शाती है कि योजनाएं तो बनाई जाती हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन जमीन पर नहीं हो पाता। जबकि सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ लगातार ठंड से राहत के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दे चुके हैं। बस्ती के नागरिकों ने मांग की है कि अलाव की संख्या बढ़ाई जाए, रैन बसेरों में कंबल, रोशनी और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही अस्पतालों में ठंड से बचाव के इंतजाम मजबूत किए जाएं और चौक-चौराहों, सार्वजनिक जगहों पर निगरानी बढ़ाई जाए।
परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट
AKP News 786
