जनपद बस्ती में बहुचर्चित तांत्रिक बाबा हत्याकांड का पुलिस ने सफल अनावरण करते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। थाना दुबौलिया, थाना कलवारी एवं एसओजी टीम बस्ती की संयुक्त कार्यवाही में हत्या में संलिप्त दो वांछित अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार मु0अ0सं0 233/2025 धारा 103(1) बीएनएस थाना दुबौलिया से संबंधित इस मामले में अभियुक्त लवकुश उर्फ लालचन्द को माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए दिनांक 11.01.2026 को गिरफ्तार किया गया। वहीं दूसरा अभियुक्त सजरे आलम पुलिस को देखकर भागने लगा, जिसे मुठभेड़ के दौरान दबोच लिया गया। दोनों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।

🔹 गिरफ्तार अभियुक्त
लवकुश उर्फ लालचन्द पुत्र पप्पू हरिजन, निवासी खदरा उपाध्याय, थाना दुबौलिया, जनपद बस्ती
सजरे आलम पुत्र कासिम अली, निवासी लारा, थाना दुबौलिया, जनपद बस्ती
🔹 बरामदगी
एक अदद .32 बोर अवैध तमंचा
एक खोखा व एक जिंदा कारतूस
घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल
नकद ₹2280/-
🔹 गिरफ्तारी स्थल
सरवनपुर पाण्डेय एवं घोसियापुर क्षेत्र
🔹 पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दिनांक 26 दिसंबर 2025 को ग्राम बेमहरी टोला खून्नी थाना दुबौलिया में 58 वर्षीय रामजीत उर्फ घरभरन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक झाड़-फूंक व तंत्र-मंत्र के नाम पर इलाज करता था।

अभियुक्त लवकुश की बड़ी बहन का इलाज मृतक से कराया गया था, जिसके दौरान मृतक द्वारा गलत नीयत और आपत्तिजनक हरकतें की गईं। बाद में छोटी बहन के साथ भी इसी तरह की हरकतों की आशंका पर अभियुक्त ने गहरी रंजिश पाल ली और हत्या की साजिश रची।
योजना के तहत लवकुश ने विवेक चौधरी, सजरे आलम और अरुण कुमार से संपर्क कर एक लाख रुपये की सुपारी तय की। 26 दिसंबर की शाम सभी अभियुक्त मृतक के घर पहुंचे, पहले रेकी की और फिर देर रात छप्पर में सो रहे रामजीत उर्फ घरभरन की पहचान कर सजरे आलम ने तमंचे से चेहरे पर गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे।
🔹 गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम
थानाध्यक्ष दुबौलिया सुनील कुमार गौड़
थानाध्यक्ष कलवारी गजेन्द्र प्रताप सिंह
प्रभारी निरीक्षक एसओजी विकास यादव
सहित थाना दुबौलिया, थाना कलवारी, एसओजी व सर्विलांस सेल के कुल 20 से अधिक पुलिसकर्मी
✍️ निष्कर्ष
बस्ती पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई ने न केवल अंधविश्वास की आड़ में अपराध करने वालों को बेनकाब किया है, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं। पुलिस अब अन्य फरार अभियुक्तों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है।
परमानन्द मिश्रा की रिपोर्ट
AKP News 786
