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2 Mar 2026, Mon

बस्ती पशु क्रूरता मामला: कुतिया और 12 पिल्लों की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी पर मुकदमा

By Aijaz Alam Khan

बस्ती में पशु क्रूरता की शर्मनाक घटना, कुतिया और 12 पिल्लों की बेरहमी से हत्या

बस्ती पशु क्रूरता मामला जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रुधौली थाना क्षेत्र के मुंगरहा चौराहे पर एक सनकी युवक ने कुतिया और उसके 12 नन्हे-नन्हे पिल्लों को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल है।

कुत्ते के काटने से नाराज़ होकर उतारा गुस्सा

जानकारी के अनुसार, मैनी गांव निवासी कलीमुल्लाह को कुछ दिन पहले रास्ते में जाते समय एक कुत्ते ने काट लिया था। इसी बात से नाराज़ होकर उसने अपना गुस्सा बेजुबान जानवरों पर निकालने का अमानवीय फैसला कर लिया। आरोपी मुंगरहा चौराहे पर पहुंचा और वहां मौजूद कुतिया व उसके 12 पिल्लों पर बेरहमी से हमला कर दिया।

मौके पर ही सभी पिल्लों की मौत

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी ने लाठी-डंडों से कुतिया और उसके बच्चों को इस कदर पीटा कि सभी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि आसपास मौजूद लोगों का दिल दहल गया। कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही आरोपी फरार होने की कोशिश करने लगा।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही रुधौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मृत कुत्तों के शवों को गड्ढा खोदकर दफन कराया गया। पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज

क्षेत्राधिकारी रुधौली कुलदीप ने बताया कि कलीमुल्लाह नामक व्यक्ति ने कुत्ते के काटने की घटना के बाद कुतिया और उसके 12 बच्चों को पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस ने इस बस्ती पशु क्रूरता मामला में बीएनएस की धारा 170, 126 और 35 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।

बस्ती पशु क्रूरता मामला

सख्त कार्रवाई की मांग

हिंदू युवा वाहिनी के निवर्तमान जिला महामंत्री विनय सिंह ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पशु क्रूरता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और दोषी को सख्त सजा मिलनी चाहिए।

इलाके में आक्रोश, लोगों में दहशत

इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि अगर ऐसे मामलों में कठोर सजा नहीं दी गई, तो समाज में हिंसा और अमानवीयता बढ़ती चली जाएगी। प्रशासन से मांग की जा रही है कि आरोपी को उदाहरणात्मक सजा दी जाए।