बस्ती मिशन शक्ति जागरूकता अभियान: महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस का विशेष प्रयास
बस्ती मिशन शक्ति जागरूकता अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को जनपद बस्ती में महिला सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई। प्रभारी निरीक्षक महिला थाना डा0 शालिनी सिंह ने मय हमराह म0का0 श्यामा पाठक, म0का0 सुमन यादव एवं म0का0 प्रियंका वर्मा के साथ शहर के विभिन्न स्थानों पर महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद किया।

इस बस्ती मिशन शक्ति जागरूकता अभियान के दौरान कटेश्वर पार्क, प्रदर्शनी स्थल सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां दी गईं।
मिशन शक्ति और साइबर क्राइम पर दी गई जानकारी
बस्ती मिशन शक्ति जागरूकता अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को मिशन शक्ति कार्यक्रम के उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर सतर्क रहने की अपील की गई और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय समझाए गए।
महिला पुलिस टीम ने बताया कि किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
सरकारी हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
अभियान के दौरान बस्ती मिशन शक्ति जागरूकता अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपलब्ध विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही संबंधित थाने का सीयूजी नंबर साझा कर महिलाओं को सीधे पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील
महिला थाना प्रभारी डा0 शालिनी सिंह ने बस्ती मिशन शक्ति जागरूकता अभियान के माध्यम से महिलाओं से अपील की कि वे अपने साथ या आसपास होने वाले किसी भी अपराध को छिपाएं नहीं, बल्कि निडर होकर पुलिस को सूचना दें।

उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े अपराधों के विरुद्ध आवाज उठाना ही समाज को सुरक्षित बनाने की दिशा में पहला कदम है और पुलिस हर स्तर पर सहयोग के लिए तत्पर है।
महिलाओं ने की पुलिस पहल की सराहना
स्थानीय महिलाओं और बालिकाओं ने बस्ती मिशन शक्ति जागरूकता अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल से उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूकता और आत्मविश्वास मिलता है।
AKP News 786 आपसे अपील करता है कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी ऐसी खबरों को ज्यादा से ज्यादा साझा करें और जागरूक समाज के निर्माण में सहयोग करें।
रिपोर्ट परमानंद मिश्रा
