Breaking
17 Apr 2026, Fri

बस्ती रिश्वतखोरी गिरफ्तारी: 45000 रुपये घूस लेने वाला Powerful बाबू पकड़ा गया

बस्ती रिश्वतखोरी गिरफ्तारी

By Editor Aijaz Alam Khan

बस्ती रिश्वतखोरी गिरफ्तारी

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। बस्ती रिश्वतखोरी गिरफ्तारी के इस मामले में पुलिस ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत में तैनात एक प्रधान लिपिक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने एक महिला स्वास्थ्यकर्मी से एरियर बिल के भुगतान के बदले 45 हजार रुपये की मांग की और पैसे ले भी लिए। पुलिस की इस कार्रवाई को प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह मामला उस समय सामने आया जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत में एएनएम पद पर कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने वेतन से जुड़े एरियर भुगतान के लिए आवेदन किया था। वेतन संशोधन के बाद जब एरियर बिल तैयार हुआ तो आरोप है कि संबंधित प्रधान लिपिक ने भुगतान कराने के बदले पैसे की मांग कर दी। इसी घटना के बाद बस्ती रिश्वतखोरी गिरफ्तारी का मामला दर्ज किया गया।

एरियर बिल भुगतान के बदले मांगे गए रुपये

पुलिस के अनुसार महिला स्वास्थ्यकर्मी का वेतन संशोधन होने के बाद उनका एरियर बिल तैयार किया गया था। लेकिन बिल पास कराने और भुगतान कराने के लिए प्रधान लिपिक ने कथित रूप से 45 हजार रुपये की मांग की। आरोप है कि बिना पैसे दिए बिल का भुगतान नहीं किया जा रहा था।

महिला कर्मचारी ने पहले इस मामले को समझाने की कोशिश की लेकिन जब लगातार दबाव बनाया गया तो उन्होंने इसकी शिकायत करने का फैसला किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और बस्ती रिश्वतखोरी गिरफ्तारी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।

पुलिस ने दर्ज किया भ्रष्टाचार का मुकदमा

शिकायत मिलने के बाद थाना छावनी पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत भी केस दर्ज किया।

इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी विभागों में किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बस्ती रिश्वतखोरी गिरफ्तारी की कार्रवाई इसी सख्त नीति का हिस्सा है।

रामरेखा पुल के पास से हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने जांच के बाद आरोपी की तलाश शुरू की और आखिरकार उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। दिनांक 15 मार्च 2026 को छावनी थाना पुलिस ने आरोपी को रामरेखा पुल के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय पुलिस टीम पूरी तरह सतर्क थी और आरोपी को नियमानुसार हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रदीप श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 53 वर्ष बताई जा रही है। वह मूल रूप से आजमगढ़ जिले का निवासी है और वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विक्रमजोत में प्रधान लिपिक के पद पर तैनात था। बस्ती रिश्वतखोरी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

इस कार्रवाई में छावनी थाना पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। थानाध्यक्ष चन्दन कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरे मामले की जांच की और आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बस्ती रिश्वतखोरी गिरफ्तारी की इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक शशिशेखर सिंह, उपनिरीक्षक अनिरुद्ध यादव और कांस्टेबल राहुल सिंह भी शामिल रहे। पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश

यह मामला सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को भी उजागर करता है। जब कोई कर्मचारी अपने अधिकार के तहत मिलने वाली राशि के लिए रिश्वत देने को मजबूर होता है तो यह प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाता है।

बस्ती रिश्वतखोरी गिरफ्तारी की यह घटना एक मजबूत संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई कर सकता है। अगर पीड़ित लोग हिम्मत करके शिकायत करें तो ऐसे मामलों में न्याय मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

स्थानीय लोगों का भी मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही आम लोगों का भरोसा भी प्रशासन पर मजबूत होगा। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट

AKP News 786