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17 Apr 2026, Fri

बस्ती जमीन फर्जीवाड़ा गिरफ्तारी: 1 आरोपी की बड़ी कार्रवाई, चौंकाने वाला खुलासा

बस्ती जमीन फर्जीवाड़ा गिरफ्तारी

By Editor Aijaz Alam Khan

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में जमीन से जुड़े एक गंभीर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बस्ती जमीन फर्जीवाड़ा गिरफ्तारी की इस घटना ने जिले में जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े जोखिमों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। सोनहा थाना पुलिस की इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दिनांक 16 मार्च 2026 को थाना सोनहा पुलिस ने लंबे समय से वांछित चल रहे आरोपी तिलकराम को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर एक ही जमीन को अलग-अलग समय पर दो लोगों के नाम बेच दिया था। इस मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अब बस्ती जमीन फर्जीवाड़ा गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

थानाध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

थाना सोनहा के थानाध्यक्ष महेश सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार इस मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने सूचना के आधार पर आरोपी के घर पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। बस्ती जमीन फर्जीवाड़ा गिरफ्तारी की इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक तारकेश्वर यादव और पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस टीम ने आरोपी को उसके निवास स्थान से नियमानुसार गिरफ्तार किया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एक ही जमीन का दो बार किया गया बैनामा

पुलिस जांच के अनुसार आरोपी तिलकराम ने वर्ष 2009 में गाटा संख्या 1221, 1233, 1238 और 1491 की जमीन का बैनामा लखपाती नाम की महिला के नाम किया था। यह जमीन अजगौवा जंगल क्षेत्र की बताई जा रही है। उस समय यह सौदा कानूनी प्रक्रिया के तहत किया गया था और जमीन खरीदार के नाम दर्ज भी हो गई थी।

लेकिन बाद में आरोपी ने इसी जमीन से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर कर वर्ष 2023 में उसी जमीन का बैनामा एक अन्य महिला नीलम के नाम कर दिया। इस प्रक्रिया में कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन को दोबारा बेचकर पैसे लिए गए। यही कारण है कि बस्ती जमीन फर्जीवाड़ा गिरफ्तारी का यह मामला गंभीर माना जा रहा है।

*प्रेस विज्ञप्ति*
*जनपद बस्ती*
*दिनांक-15.03.2026*
*थाना छावनी पुलिस द्वारा थाना क्षेत्रान्तर्गत सी०एच०सी० विक्रमजोत में ए०एन०एम० पद पर नियुक्त महिला कर्मी से एरियर बिल को भुगतान करने के एवज में रुपये 45,000/- लेने वाले प्रधान लिपिक के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर थाना स्थानीय पुलिस द्वारा किया गया गिरफ्तार-*
थाना छावनी पुलिस द्वारा दिनांक-14.03.2026 को थाना क्षेत्रान्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र विक्रमजोत, थाना छावनी जनपद बस्ती पर ए०एन०एम के पद पर नियुक्त आवेदिका/ महिला कर्मी के मूल वेतन में शंशोधन के उपरांत बने एरियर बिल भुगतान करने के एवज में रुपये 45,000/- लेने वाले प्रधान लिपिक/ अभियुक्त प्रदीप श्रीवास्तव (नियुक्ति-सी०एच०सी० विक्रमजोत, प्रधान लिपिक, थाना छावनी जनपद बस्ती) के विरुद्ध मु०अ०सं०-198, 352, 351(3) व धारा-7, 13 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम,1988 पंजीकृत कर दिनांक-15.03.2026 को रामरेखा पुल के पास से बहद ग्राम अमोढ़ा थाना छावनी जनपद बस्ती से समय करीब 13:04 बजे गिरफ्तार कर अन्य आवश्यक अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है |

*गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण-*
1- प्रदीप श्रीवास्तव पुत्र स्व० त्रिलोकीनाथ लाल उम्र करीब 53 वर्ष निवासी ग्राम हलुडीह पोस्ट ऊचागांव थाना सिधारी जनपद आजमगढ़ (उ०प्र०), वर्तमान पता सी०एच०सी० विक्रमजोत, प्रधान लिपिक, थाना छावनी जनपद बस्ती | 

*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम-*
1- थानाध्यक्ष छावनी चन्दन कुमार जनपद बस्ती |
2- उ0नि0 शशिशेखर सिंह, उ0नि0 अनिरुद्ध यादव थाना छावनी जनपद बस्ती |
3- का0 राहुल सिंह थाना छावनी जनपद बस्ती |

पैसा मांगने पर दी गई धमकी

मामले की शिकायत तब सामने आई जब दूसरी खरीदार नीलम को जमीन से जुड़े विवाद की जानकारी हुई। जब उन्होंने आरोपी से अपना पैसा वापस मांगा तो आरोपी ने उन्हें धमकी दी। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर थाना सोनहा में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर बस्ती जमीन फर्जीवाड़ा गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई और आरोपी को हिरासत में लिया गया।

जमीन धोखाधड़ी के बढ़ते मामले

विशेषज्ञों के अनुसार जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले देश के कई हिस्सों में तेजी से बढ़ रहे हैं। कई बार लोग सही जांच किए बिना जमीन खरीद लेते हैं और बाद में उन्हें विवादों का सामना करना पड़ता है। बस्ती जमीन फर्जीवाड़ा गिरफ्तारी का यह मामला भी इसी तरह की समस्या को सामने लाता है।

ऐसे मामलों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि जमीन खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच की जाए। राजस्व रिकॉर्ड, पूर्व बैनामा और भूमि से जुड़े अन्य दस्तावेजों की पुष्टि करना बेहद जरूरी होता है ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो।

पुलिस की सख्ती से बढ़ा भरोसा

सोनहा थाना पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भरोसा बढ़ा है कि जमीन से जुड़े मामलों में भी कानून पूरी तरह सक्रिय है। बस्ती जमीन फर्जीवाड़ा गिरफ्तारी ने यह संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की यह सख्ती भविष्य में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।

परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट

AKP News 786