बस्ती | रोडवेज तिराहा
बस्ती के रोडवेज तिराहे पर सोमवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब एक गरीब ठेले वाले ने पुलिस पर लाठी से मारने का आरोप लगाया। पीड़ित ठेले वाले का कहना है कि वह आमतौर पर हॉस्पिटल चौराहे पर ठेला लगाता है, लेकिन आज रोडवेज तिराहे पर पटरी के किनारे ठेला लगाया था। इसी दौरान पुलिस ने ठेला हटाने को कहा और कथित रूप से लाठी से मारा, जिसके बाद पुलिसकर्मी चार पहिया वाहन से मौके से निकल गए।
ठेले वाले का आरोप है कि गरीब और छोटे व्यापारियों पर पुलिस की सख्ती ज्यादा देखने को मिलती है, जबकि वह रोज़ी-रोटी के लिए मजबूरी में सड़क किनारे ठेला लगाते हैं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में भी चर्चा का माहौल बना रहा।
वहीं, इस मामले में ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि न तो उन्होंने और न ही किसी अन्य पुलिसकर्मी ने ठेले वाले पर लाठी चलाई है। केवल यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए ठेले को किनारे करने को कहा गया था, क्योंकि वहां ठेला लगने से सड़क पर जाम की स्थिति बन रही थी।
फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों के बयान सामने आए हैं। एक ओर गरीब ठेले वाला खुद को पीड़ित बता रहा है, तो दूसरी ओर पुलिस यातायात बाधा हटाने की कार्रवाई को सही ठहरा रही है। सच क्या है, इसकी निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि यातायात व्यवस्था और गरीबों की रोज़ी-रोटी—दोनों के बीच संतुलन बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे विवाद न हो!
ब्यूरो रिपोर्ट
AKP News 786
