बस्ती से बड़ी खबर
साऊँघाट विकासखंड के बढ़या राजा ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का जिन्न अब पूरी ताकत के साथ बाहर निकल चुका है।
वीडियो के संरक्षण में फर्जीवाड़े का ऐसा जाल बिछाया गया है कि आम ग्रामीण समझ ही नहीं पा रहे हैं।
57 मजदूरों के नाम पर तैयार हुआ फर्जी मस्टरोल पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है।

मजदूरों को बिना काम कराए उनका हक निगलने की ये चाल बेहद शर्मनाक है।
सरकारी योजना का पैसा गलत हाथों में पहुंचकर अधिकारियों की जेबें गर्म कर रहा है।
ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी जीरो टॉलरेंस नीति को धत्ता बता खुलेआम मूकदर्शक बने बैठे हैं।
मजदूरों की मेहनत की कमाई पर दिनदहाड़े हो रहा ये डाका प्रशासन की नाकामी उजागर करता है।
भ्रष्टाचार का तांडव ऐसा कि पंचायत की हर फाइल शक के घेरे में नजर आ रही है।
सरकारी मुलाजिमों की जेब भरने की तेजी देखकर ग्रामीण दांतों तले उंगली दबा रहे हैं।
नियम-कानून को ताक पर रखकर पूरे सिस्टम को लूट का मैदान बना दिया गया है।
ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है, लेकिन शिकायतें अनसुनी कर दी जाती हैं।
अब बड़ा सवाल—क्या प्रशासन कार्रवाई करेगा या भ्रष्टाचार का ये खेल यूं ही चलता रहेगा?
रिपोर्ट रिजवान खान
