बस्ती।
महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रविवार को थाना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर में बहू–बेटी सम्मेलन एवं महिला जन चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में संपन्न हुआ, जिसमें महिला थाना प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में महिला थाना की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई।

इस जागरूकता कार्यक्रम में महिला कांस्टेबल प्रियंका वर्मा, श्यामा पाठक एवं सुमन यादव की सहभागिता रही। सम्मेलन में गांव एवं आसपास के क्षेत्रों से आई लगभग 70 महिलाओं और बालिकाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं में उत्साह और आत्मविश्वास साफ नजर आया।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को मिशन शक्ति फेज–5.0 के तहत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। महिला थाना टीम ने बताया कि मिशन शक्ति का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना, उन्हें सामाजिक और कानूनी रूप से सशक्त बनाना तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। महिलाओं को यह भी समझाया गया कि सरकार और पुलिस प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है।
सम्मेलन में महिलाओं को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर उनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। इनमें वूमेन पावर लाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, एम्बुलेंस सेवा 108, चाइल्ड लाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और साइबर हेल्पलाइन 1930 प्रमुख रूप से शामिल रहीं। महिला थाना टीम ने बताया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति या समस्या में इन नंबरों पर तुरंत संपर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा देश में लागू हुए तीन नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023—से संबंधित रहा। महिलाओं को सरल और सहज भाषा में बताया गया कि इन नए कानूनों से न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी, पारदर्शी और पीड़ित केंद्रित होगी। खासतौर पर महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करने पर इन कानूनों में विशेष जोर दिया गया है।

इसके साथ ही साइबर जागरूकता अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क किया गया। महिला थाना टीम ने बताया कि आज के डिजिटल युग में साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी, ऑनलाइन और सोशल मीडिया धोखाधड़ी, OTP चोरी, UPI फ्रॉड तथा साइबर बुलिंग जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इनसे बचाव के लिए महिलाओं को सलाह दी गई कि वे किसी अनजान कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें, अपनी बैंकिंग और निजी जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
महिला जन चौपाल में मौजूद महिलाओं ने खुलकर अपनी बातें रखीं और पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों की सराहना की। महिलाओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से उन्हें न केवल कानून और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी मिलती है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ता है। कई महिलाओं ने बताया कि पुलिस द्वारा दी गई जानकारी से उन्हें अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर नई समझ मिली है।
कार्यक्रम के अंत में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक ने महिलाओं और बालिकाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें, किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न को सहन न करें और बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी और सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है।
ग्राम जगदीशपुर में आयोजित यह बहू–बेटी सम्मेलन न सिर्फ एक जागरूकता कार्यक्रम रहा, बल्कि महिलाओं में विश्वास, सुरक्षा और सशक्तिकरण की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
रिज़वान खान की रिपोर्ट
AKP News 786
