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2 Mar 2026, Mon

संत गाडगे जयंती पर 4 सूत्रीय मांग पत्र, बड़ा प्रस्ताव!

संत गाडगे जयंती पर 4 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया, चौराहा नामकरण की उठी मांग

By Editor Aijaz Alam Khan

बस्ती: संत गाडगे जयंती के अवसर पर सोमवार को बस्ती में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। संत गाडगे रजक सुधार समिति के महामंत्री राजू कन्नौजिया के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के लोगों ने महान समाज सुधारक संत गाडगे को नमन किया और उनके आदर्शों को याद किया।

प्रतिमा पर माल्यार्पण, योगदान पर चर्चा

कटरा पानी की टंकी के निकट स्थित संत गाडगे की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वक्ताओं ने संत गाडगे के जीवन, उनके संघर्ष और समाज सुधार के कार्यों पर विस्तार से चर्चा की। उपस्थित लोगों ने कहा कि संत गाडगे ने सामाजिक विषमताओं के खिलाफ आवाज उठाई और मानवता को ही सबसे बड़ा धर्म बताया।

नगरपालिका को सौंपा गया 4 सूत्रीय मांग पत्र

कार्यक्रम के दौरान समिति की ओर से नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अंकुर वर्मा को 4 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। मांग पत्र में प्रमुख रूप से निम्न मांगें शामिल रहीं:

  • संत गाडगे की प्रतिमा स्थल को “संत गाडगे चौराहा” घोषित किया जाए।
  • प्रतिमा स्थल पर हाई मास्क लाइट लगाई जाए।
  • किसी एक पार्क का नाम “संत गाडगे पार्क” रखा जाए।
  • मड़वानगर मार्ग पर संत गाडगे स्मृति द्वार स्थापित किया जाए।
  • धोबी घाट पर बने रैन बसेरे की मरम्मत कराई जाए।

नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अंकुर वर्मा ने मांग पत्र स्वीकार करते हुए कहा कि आवश्यकतानुसार प्राथमिकता के आधार पर मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने संत गाडगे को सामाजिक चेतना का प्रतीक बताते हुए कहा कि समाज को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

संत गाडगे का जीवन और प्रेरणा

संत गाडगे जी महाराज का जन्म 23 फरवरी 1876 को महाराष्ट्र के अंजनगांव (अमरावती) के सुरजी तालुका के शेडगांव ग्राम में एक साधारण धोबी परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन को समाज सेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित कर दिया।

कहा जाता है कि वे जिस भी गांव में प्रवेश करते थे, वहां की गंदी गलियों की सफाई स्वयं शुरू कर देते थे। उन्होंने शिक्षा, धर्मशाला, अस्पताल और पशुओं के आश्रय स्थल के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जीवन सादगी, कड़ी मेहनत और परोपकार का उदाहरण है।

समाज से प्रेरणा लेने का आह्वान

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में संत गाडगे के विचार और भी प्रासंगिक हो गए हैं। समाज को स्वच्छता, समानता और मानवता के मूल्यों को अपनाने की जरूरत है।

इस अवसर पर डॉ. राकेश कुमार कन्नौजिया, दुर्गेश कन्नौजिया, प्रमोद कन्नौजिया, संजय कुमार, जगदीश शर्मा, राजेन्द्र, डब्लू श्रीवास्तव, धर्मेन्द्र कुमार, रमेश चन्द्र, अजय कुमार सहित अनेक सामाजिक संगठनों के लोग उपस्थित रहे।

संत गाडगे जयंती का यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का अवसर था, बल्कि समाज में उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी था।

रिपोर्ट : रिजवान खान

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