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2 Mar 2026, Mon

सरयू में डूबने से हुई दरोगा अजय गौड़ की मौत, जांच में हत्या की आशंका खारिज

By Aijaz Alam Khan (Editor)

बस्ती – परशुरामपुर थाने पर तैनात उपनिरीक्षक अजय गौड़ की संदिग्ध मौत को लेकर पिछले तीन हफ्तों से चल रही चर्चाओं पर आखिरकार पुलिस जांच ने पूर्ण विराम लगा दिया है। बस्ती परिक्षेत्र के डीआईजी संजीव त्यागी ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि यह मामला हत्या का नहीं, बल्कि सरयू नदी में दुर्घटनावश डूबने से हुई मृत्यु का है।
लापता होने से लेकर शव बरामदगी तक


5 फरवरी को दरोगा अजय गौड़ के अचानक लापता होने से महकमे में हड़कंप मच गया था। अमहट घाट पर उनकी मोटरसाइकिल लावारिस हालत में मिलने से संदेह और गहरा गया। 8 फरवरी को सरयू नदी से उनका शव बरामद हुआ तो पूरे जिले में तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गईं। एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की असामयिक और रहस्यमय मौत ने प्रशासन के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी थी।
हत्या की आशंका और गहन जांच
परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, जिसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा व्यापक कर दिया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और फॉरेंसिक परीक्षण—हर बिंदु पर बारीकी से पड़ताल की गई।
जांच के दौरान एक बाइक चोर को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से मृतक का मोबाइल फोन बरामद हुआ। हालांकि पूछताछ और साक्ष्यों के विश्लेषण में यह स्पष्ट हुआ कि उसका मौत से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
एम्स गोरखपुर की मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक
पोस्टमार्टम के बाद बिसरा और अन्य नमूनों को विशेषज्ञ राय के लिए एम्स गोरखपुर भेजा गया। मेडिकल टीम ने अपनी रिपोर्ट में शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट के अभाव और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को डूबने की घटना से मेल खाते बताया।
फेफड़ों में पानी न मिलने के सवाल पर विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि कई दिनों तक पानी में रहने से शव की आंतरिक संरचना में परिवर्तन संभव है, जिससे पारंपरिक संकेत हमेशा स्पष्ट रूप से नहीं मिलते।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी अहम
घाट के आसपास मौजूद लोगों के बयान और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों ने भी डूबने की आशंका को बल दिया। सभी तथ्यों के समेकित विश्लेषण के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि दरोगा अजय गौड़ की मौत एक दुर्घटनावश घटना थी।
डीआईजी संजीव त्यागी ने कहा, “जांच के हर पहलू को निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से परखा गया। अंतिम रिपोर्ट में हत्या की संभावना निराधार पाई गई है।”
इस खुलासे के साथ ही जिले में फैली अफवाहों पर विराम लग गया है। हालांकि, एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी की असामयिक मौत ने पुलिस महकमे और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया है।

रिपोर्ट : परमानन्द मिश्रा

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