Basti के राजेन्द्रा हॉस्पिटल पर नवजात बच्ची की मौत के मामले में गंभीर लापरवाही और धन उगाही के आरोप सामने आए हैं। जिगना निवासी विजय कुमार ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर बताया कि उनकी बेटी का जन्म 26 अक्टूबर को कैली अस्पताल में हुआ था।
स्वास्थ्य समस्या के चलते उसे पहले के.डी. अस्पताल और फिर राजेन्द्रा हॉस्पिटल, बटेला चौराहा में भर्ती कराया गया, जहां लगभग 15 दिन तक इलाज चलता रहा।विजय कुमार के अनुसार 9 नवंबर की रात करीब 2:30 बजे उन्हें बच्ची की मौत की सूचना मिली, लेकिन डॉक्टर ललित ने परिवार को बच्ची से मिलने नहीं दिया। तीन दिनों तक शव की मांग करने पर अस्पताल प्रबंधन ने 45,000 रुपये की मांग की। इससे पहले भी 1,45,000 रुपये की अवैध वसूली का दबाव बनाया गया था।शिकायतकर्ता का आरोप है कि डॉक्टर की लापरवाही से बच्ची की मौत हुई और उन्हें जानबूझकर भ्रमित किया गया। विजय कुमार ने अस्पताल संचालक और डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।इस सम्बन्ध मे विजय कुमार की माता यानि मृत बच्ची की दादी से हमारे सहयोगी से दूरभाष पर बात हुआ जिसमे मृत बच्ची की दादी ने बताया की मुकमी चौकी द्वारा प्रार्थना पत्र वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है वही दूसरी तरफ राजेन्द्र इंस्टिट्यूट आफ मेडिकल साँईंस, राजेन्द्र नगर बटेला चौराहा, बस्ती के प्रिंसिपल डॉक्टर राकेश मणि त्रिपाठी इस पूरे प्रकरण मे मृतक बच्ची के पिता की पूरी गलती देते हुवे कह रहे है की हॉस्पिटल का बकाया रकम न देना पड़े इस लिए झूठा आरोप लगा रहे है, नवजात बच्ची की हालत के बारे मे पहले से बता दिया गया था वो बोले अगर लड़का होता तो कही और ले भी जाते लड़की है जो होगा बेहतर है और सब कुछ पहले बता दिया गया था और फिर सहमति पत्र पर दस्तखत भी विजय कुमार ने किया है!बाहरहाल आरोप और प्रत्यारोप सामने रख दिया गया है और मुकामी पुलिस पर प्रार्थना पत्र वापस लेने का दबाव बनाने का भी आरोप लग रहा है, अब देखना है की पुलिस प्रशासन क्या करवाई करती है और स्वास्थ्य विभाग की क्या भूमिका होंगी बने रहे हमारे साथ
परमानन्द मिश्रा की रिपोर्ट
AKP News 786
