
दिल्ली की जहरीली हवा अब सिर्फ एक पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि लोगों के जीवन का सवाल बन गई है। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ रविवार को इंडिया गेट पर Delhi air pollution protest 2025 के तहत सैकड़ों माता-पिता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में है।
Delhi air pollution protest 2025 में शामिल अभिभावकों ने कहा कि दिल्ली के स्कूलों में बच्चों को मास्क पहनकर जाना पड़ता है, लेकिन सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित है। प्रदर्शनकारियों ने “We want clean air” और “Save our kids” जैसे नारे लगाए।
पुलिस ने बिना अनुमति इकट्ठा होने के कारण प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद, इंडिया गेट के आस-पास लोगों की भीड़ बढ़ती गई। अंततः कई एक्टिविस्ट्स और माता-पिता को हिरासत में लिया गया। Delhi air pollution protest 2025 को सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला, जहाँ #RightToBreathe और #DelhiPollution जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
प्रदर्शन में शामिल पर्यावरण कार्यकर्ता रितु शर्मा ने कहा — “हम हर साल यही सुनते हैं कि प्रदूषण पर सख्त कदम उठाए जाएंगे, लेकिन नतीजा वही रहता है। बच्चों के फेफड़े दम तोड़ रहे हैं।”
Delhi air pollution protest 2025 के दौरान बच्चों ने भी पोस्टर लेकर संदेश दिया — ‘हम खेलना चाहते हैं, धुआँ नहीं सांस लेना।’
विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 450 के पार पहुंच चुका है, जो “severe” श्रेणी में आता है। इसका असर सीधे बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों पर पड़ रहा है। Delhi air pollution protest 2025 में कई डॉक्टरों ने भी हिस्सा लिया और कहा कि हर दिन प्रदूषण से लोगों की सेहत बिगड़ रही है, फिर भी नीतियों में सुधार नहीं दिख रहा।
केंद्र और राज्य सरकारों के बीच प्रदूषण पर जिम्मेदारी तय न होने से जनता नाराज़ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, 2025 में दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रदूषण वाहनों, कचरा जलाने और निर्माण कार्यों से हो रहा है। Delhi air pollution protest 2025 ने इस विषय को फिर से राष्ट्रीय बहस का केंद्र बना दिया है।
अभिभावकों ने मांग की कि सरकार स्कूलों में ‘एयर क्वालिटी ऑडिट’ कराए, निर्माण स्थलों पर सख्ती से नियम लागू करे और ग्रेडेड रेस्पॉन्स प्लान को प्रभावी तरीके से लागू करे। उनका कहना था कि केवल जुर्माने से हालात नहीं बदलेंगे, जब तक कि राजनीतिक इच्छाशक्ति न दिखाई जाए।
Delhi air pollution protest 2025 भले ही एक दिन का आंदोलन रहा हो, लेकिन इसने एक बड़ा संदेश दिया है — लोग अब खामोश नहीं रहेंगे। जब बच्चों की साँसें खतरे में हों, तो हर नागरिक का उठ खड़ा होना ज़रूरी है।
अगर आप भी साफ हवा और बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए आवाज़ उठाना चाहते हैं, तो #DelhiAirPollutionProtest2025 अभियान से जुड़ें और अपनी राय सोशल मीडिया पर साझा करें।
👉 एक साफ और सांस लेने योग्य दिल्ली की शुरुआत आपसे ही होगी।
