DLSA बस्ती मेगा विधिक सहायता शिविर में पुलिस स्टॉल का निरीक्षण, मिशन शक्ति और साइबर जागरूकता पर जोर
बस्ती | 22 फरवरी 2026
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), बस्ती के तत्वावधान में 22 फरवरी 2026 को आयोजित वृहद/मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह (बस्ती क्लब) में किया गया। इस अवसर पर माननीय जिला जज द्वारा पुलिस विभाग के लगाए गए विभिन्न जागरूकता स्टॉलों का निरीक्षण किया गया।

मेगा विधिक सहायता शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों, निर्धन परिवारों एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना, कानूनी जागरूकता बढ़ाना तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ आमजन तक पहुंचाना रहा।
पुलिस विभाग के विशेष स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
शिविर में जिले के विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। पुलिस विभाग द्वारा स्थापित विशेष स्टॉलों में मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत महिला सुरक्षा, बचाव एवं सशक्तिकरण से संबंधित जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त अग्निशमन सुरक्षा (फायर) और साइबर अपराध जागरूकता (साइबर) से जुड़े स्टॉल भी लगाए गए।

इन स्टॉलों के माध्यम से उपस्थित नागरिकों को महिला हेल्पलाइन, आपातकालीन सेवाओं, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, साइबर सुरक्षा उपायों तथा अग्नि दुर्घटना से सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
माननीय जिला जज ने की व्यवस्थाओं की सराहना
माननीय जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बस्ती द्वारा स्वयं स्टॉलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्टॉल पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, प्रदर्शित सामग्री और जागरूकता प्रयासों की सराहना करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ऐसी पहलों को निरंतर जारी रखा जाए।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से आम जनता तक न्याय की पहुंच और अधिक प्रभावी होती है तथा सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक सीधे पहुंचाया जा सकता है।
बड़ी संख्या में पहुंचे लाभार्थी
मेगा शिविर में बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित हुए। उपस्थित लोगों ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही आवश्यक सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
यह आयोजन समाज के कमजोर वर्गों तक न्यायिक सहायता और सरकारी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
रिपोर्ट : परमानंद मिश्रा
