दिल्ली की हवा एक बार फिर ज़हरीली हो चुकी है। Delhi toxic air pollution level November 2025 के आंकड़ों ने राजधानीवासियों को चिंतित कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में AQI कई इलाकों में 450 से ऊपर पहुंच गया है, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। सुबह और शाम के समय शहर के ऊपर घना धुआं और धुंध का मिश्रण साफ दिखाई दे रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, आनंद विहार, रोहिणी, द्वारका और पटपड़गंज जैसे इलाकों में Delhi toxic air pollution level November 2025 सबसे ज़्यादा दर्ज किया गया। इस दौरान हवा में PM2.5 और PM10 के स्तर ने सभी मानकों को पार कर लिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, पराली जलाने, वाहनों से उत्सर्जन, और ठंडी हवाओं की कमी के कारण प्रदूषण में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दिल्ली सरकार ने GRAP (Graded Response Action Plan) के तहत कुछ कदम उठाए हैं, जैसे—निर्माण कार्यों पर रोक, डीज़ल जनरेटर पर बैन और स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करना।
हालांकि इन उपायों के बावजूद, Delhi toxic air pollution level November 2025 में ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिला है। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। AIIMS और सफदरजंग अस्पताल में सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या में 40% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
लोगों को सलाह दी गई है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। अगर बाहर जाना पड़े, तो N95 या N99 मास्क पहनना ज़रूरी है। घर के अंदर एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल बढ़ गया है और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
सरकार ने दावा किया है कि अगले कुछ हफ्तों में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए उपाय लागू किए जाएंगे। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने कहा, “हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं ताकि Delhi toxic air pollution level November 2025 को नियंत्रण में लाया जा सके। लेकिन इसमें जनता का सहयोग भी उतना ही जरूरी है।”
वहीं, पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ अस्थायी कदम काफी नहीं होंगे। अगर दिल्ली को सांस लेने लायक बनाना है, तो वाहनों की संख्या में कमी, सार्वजनिक परिवहन का विस्तार, और हरित क्षेत्रों में वृद्धि जैसे दीर्घकालिक कदम उठाने होंगे।
नवंबर का यह महीना फिर याद दिला रहा है कि दिल्ली के लिए स्वच्छ हवा अब भी एक सपना है। जब तक सभी मिलकर प्रयास नहीं करेंगे, Delhi toxic air pollution level November 2025 जैसे हालात हर साल दोहराए जाएंगे।
