छपिया घाट पर ऐतिहासिक पहल
Manorama River Pipa Bridge का लोकार्पण रविवार को बस्ती जनपद के दुबौलिया विकास खंड स्थित छपिया घाट पर किया गया। 18 लाख रुपये की लागत से तैयार यह पुल स्थानीय ग्रामीणों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित सुविधा थी। उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक कवींद्र चौधरी अतुल द्वारा फीता काटकर और विधि-विधान से पूजा अर्चना के साथ किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पुल के निर्माण से छपिया और ऐंडेगवा गांव सहित आसपास के दर्जनों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।
आवागमन में मिलेगी बड़ी राहत
Manorama River Pipa Bridge बनने से मनोरमा नदी पार करना अब आसान हो जाएगा। बरसात और जलस्तर बढ़ने के समय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार विद्यार्थियों, किसानों और व्यापारियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता था।
अब यह पुल ग्रामीणों के लिए समय और दूरी दोनों की बचत करेगा। स्थानीय व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी पहले से अधिक सुगम होगी।
विधायक का बयान और प्राथमिकताएं
उद्घाटन के बाद विधायक कवींद्र चौधरी अतुल ने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों को प्राथमिकता देना उनका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि Manorama River Pipa Bridge की मांग स्थानीय लोग लंबे समय से कर रहे थे और उनके निरंतर प्रयासों से यह संभव हो पाया।
उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना ही समग्र विकास की कुंजी है। आने वाले समय में अन्य आवश्यक परियोजनाओं को भी गति दी जाएगी।
लोकनिर्माण विभाग की भूमिका
यह पुल लोकनिर्माण विभाग द्वारा तैयार किया गया है। विभागीय अधिकारियों के सहयोग से निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा हुआ। Manorama River Pipa Bridge परियोजना इस बात का उदाहरण है कि प्रशासनिक समन्वय से ग्रामीण क्षेत्र में भी तेज गति से विकास संभव है।
ग्रामीणों ने विधायक का माला पहनाकर स्वागत किया और पुल निर्माण के लिए आभार व्यक्त किया। इस मौके पर संजय गौतम, प्रमोद चौधरी, मुकेश, चन्द्र भूषण यादव, मथुरा यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
ग्रामीण विकास का नया अध्याय
Manorama River Pipa Bridge केवल एक पुल नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास का प्रतीक बनकर उभरा है। इससे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। छोटे व्यापारियों और किसानों को बाजार तक पहुंचने में सुविधा होगी।
ग्रामीण इलाकों में इस तरह की परियोजनाएं पलायन को कम करने और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने में सहायक होती हैं। बुनियादी ढांचे में सुधार से शिक्षा, स्वास्थ्य और आपात सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होती है।
कुल मिलाकर Manorama River Pipa Bridge का उद्घाटन बस्ती जनपद के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह पहल दर्शाती है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन यदि समन्वय से कार्य करें तो ग्रामीण क्षेत्रों की दशा और दिशा दोनों बदली जा सकती हैं। आने वाले समय में यह पुल क्षेत्र की जीवनरेखा साबित हो सकता है।
रिपोर्ट : रिजवान खान
