
Operation Raksha के तहत बस्ती में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान, प्रशासन ने चलाया जागरूकता कार्यक्रम
बस्ती: मानव तस्करी की रोकथाम, महिलाओं एवं बालिकाओं के संरक्षण, रेस्क्यू, विधिक कार्यवाही एवं पीड़ितों के पुनर्वास के उद्देश्य से चलाए जा रहे 15 दिवसीय Operation Raksha अभियान के अंतर्गत जनपद बस्ती में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आदेशानुसार संचालित किया जा रहा है।
दिनांक 19 जनवरी 2026 को इस अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी बस्ती महोदय की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में बाल विवाह मुक्त भारत राष्ट्रीय अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग एवं विभिन्न स्टेकहोल्डर्स ने सहभागिता की।
इस कार्यक्रम का संचालन पुलिस अधीक्षक बस्ती के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक बस्ती के नेतृत्व में किया गया। अभियान में थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग से उप निरीक्षक ज्वाला प्रसाद मिश्र अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग से श्रम प्रवर्तन अधिकारी नागेंद्र त्रिपाठी तथा बाल संरक्षण इकाई बस्ती से श्रीमती बीना सिंह अपनी टीम के साथ सम्मिलित रहीं।
हस्ताक्षर अभियान के पश्चात Operation Raksha के अंतर्गत जनपद बस्ती के विभिन्न स्थानों जैसे मैरेज हॉल, हाईवे, होटल, ढाबा एवं सार्वजनिक स्थलों पर जाकर बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान आम नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों का विवाह बाल्यावस्था में न करें और कानून का पालन करें।
अधिकारियों द्वारा लोगों को बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह एक संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध है। कानून के अनुसार लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। निर्धारित आयु से पूर्व विवाह करने या कराने पर दोषी पाए जाने की स्थिति में दो वर्ष का कठोर कारावास, एक लाख रुपये का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
जागरूकता अभियान के दौरान यह भी बताया गया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। प्रशासन का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाकर इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त करना है।
Operation Raksha अभियान के अंतर्गत शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी विभिन्न टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी आम जनता को दी गई। इनमें महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण एवं आपातकालीन सहायता से जुड़े नंबर 1090, 1098, 108, 112, 1076 एवं 181 शामिल हैं। लोगों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध स्थिति या बाल विवाह की सूचना तुरंत इन हेल्पलाइन नंबरों पर दें।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह रोकने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। Operation Raksha के माध्यम से जनपद बस्ती में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
अभियान के अंत में अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक इस सामाजिक बुराई के खिलाफ खड़ा होगा और कानून का सहयोग करेगा।
परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट
AKP News 786
