बनकटी (बस्ती)।
लालगंज थाना क्षेत्र के बनकटी कस्बे में सोमवार की शाम हुआ दर्दनाक सड़क हादसा पूरे क्षेत्र के लिए गहरे सदमे और आक्रोश का कारण बन गया। मुंडेरवा चीनी मिल से गन्ना खाली कर वापस लौट रहे एक भारी ट्राले की चपेट में आकर बाइक चालक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठा उसका साथी गंभीर रूप से बाल-बाल बच गया। यह हादसा न केवल एक परिवार की खुशियां उजाड़ गया, बल्कि ओवरलोड और ओवरहाइट गन्ना लदी ट्रालियों के बेलगाम आवागमन पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर गया है।
जानकारी के अनुसार मुंडेरवा थाना क्षेत्र के कड़सरी गांव निवासी 18 वर्षीय अमन चौधरी पुत्र स्वर्गीय परशुराम अपने गांव के ही मित्र बृजेश के साथ अपाचे मोटरसाइकिल से बनकटी पेट्रोल पंप की ओर से अपने घर लौट रहा था। सोमवार की शाम जैसे ही दोनों कस्बे के कन्या इंटर कॉलेज के मुख्य गेट के पास पहुंचे, तभी महादेवा की दिशा से तेज रफ्तार में आ रहे गन्ना लदे ट्राले ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयावह थी कि अमन का संतुलन बिगड़ गया और उसका सिर ट्राले के पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं पीछे बैठा बृजेश उछलकर दूर जा गिरा और उसे हल्की चोटें आईं।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में लालगंज पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की तथा घायल बृजेश को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत स्थिर बताई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अमन ने हेलमेट पहना होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। यह हादसा एक बार फिर दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की अहमियत को उजागर करता है। वहीं दूसरी ओर, कस्बे के लोगों ने गन्ना सीजन के दौरान भारी वाहनों की मनमानी पर गंभीर नाराजगी जाहिर की है। लोगों का आरोप है कि ओवरलोड और ओवरहाइट गन्ना लदी ट्रालियां दिनभर कस्बे के बीच से गुजरती रहती हैं, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है।
मृतक अमन अपने परिवार का इकलौता बेटा था और पांच बहनों का अकेला भाई। परिवार की सारी जिम्मेदारियां उसी के कंधों पर थीं। कोरोना काल के दौरान उसके पिता परशुराम की मृत्यु हो चुकी थी, जिसके बाद अमन ही परिवार का एकमात्र सहारा बन गया था। उसकी असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मां और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में शोक का माहौल व्याप्त है। अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों की आंखें नम रहीं।
हादसे के बाद कस्बे में आक्रोश भी देखने को मिला। आक्रोशित कस्बेवासियों ने प्रशासन से मांग की कि सुबह 5 बजे से शाम 4 बजे तक ओवरलोड और ओवरहाइट गन्ना लदी ट्रालियों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। लोगों का कहना है कि दिन के समय बाजार, स्कूल और कॉलेज खुले रहते हैं, ऐसे में भारी वाहनों का गुजरना आम लोगों की जान के लिए खतरा बन रहा है। यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में और भी दर्दनाक हादसे हो सकते हैं।
इस संबंध में लालगंज थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना में शामिल ट्राले को कब्जे में ले लिया गया है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है तथा परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह हादसा प्रशासन, ट्रांसपोर्ट विभाग और आम जनता सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन, हेलमेट का प्रयोग और भारी वाहनों के नियंत्रित आवागमन पर सख्ती न बरती गई, तो ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है। बनकटी की यह घटना न सिर्फ एक युवा की जान जाने का दुखद प्रसंग है, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही का आईना भी है।
–अखिलेश पाल की रिपोर्ट
AKP News 786
