जनपद बस्ती में आज दिनांक 17 दिसंबर 2025 को न्यायिक, प्रशासनिक और पुलिस तंत्र के शीर्ष अधिकारियों द्वारा जिला कारागार बस्ती का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस संयुक्त निरीक्षण का नेतृत्व श्रीमान जिला जज बस्ती, जिलाधिकारी बस्ती एवं पुलिस अधीक्षक बस्ती ने किया। निरीक्षण के समय जेल अधीक्षक सहित कारागार प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह निरीक्षण न केवल औपचारिकता भर था, बल्कि कारागार व्यवस्था की जमीनी सच्चाई को परखने का एक गंभीर और संवेदनशील प्रयास भी रहा।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार परिसर के विभिन्न हिस्सों का गहनता से जायजा लिया। बैरकों की स्थिति, साफ-सफाई, प्रकाश एवं वेंटिलेशन व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि बंदियों को मानवीय गरिमा के अनुरूप वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं। इसके साथ ही जेल अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, उपलब्ध दवाइयों, चिकित्सकीय स्टाफ की उपस्थिति एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंदियों का स्वास्थ्य प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण दल ने जेल मेस का भी अवलोकन किया। भोजन की गुणवत्ता, रसोईघर की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के भंडारण और भोजन वितरण प्रणाली की जांच की गई। अधिकारियों ने कैदियों से सीधे संवाद कर भोजन, पानी, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में उनकी समस्याएं और अनुभव सुने। इस संवाद के दौरान अधिकारियों ने बंदियों को यह भरोसा दिलाया कि उनकी जायज शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी विशेष रूप से अधिकारियों के रडार पर रही। पुलिस अधीक्षक बस्ती द्वारा सुरक्षा मानकों, निगरानी प्रणाली, प्रवेश-निकास व्यवस्था तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। सभी जेल कर्मियों को सख्त निर्देश दिए गए कि कारागार में किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधि, अवैध सामग्री या बाहरी हस्तक्षेप को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कारागार अनुशासन, पारदर्शिता और कानून के दायरे में संचालित होना चाहिए।
जिला जज बस्ती ने कारागार व्यवस्था को न्यायिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जेल केवल सजा का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी है। बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार और कानून सम्मत प्रक्रियाओं का पालन अनिवार्य है। वहीं जिलाधिकारी बस्ती ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि कारागार से संबंधित सभी आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाएं और किसी भी प्रकार की शिकायत को नजरअंदाज न किया जाए।
निरीक्षण के समापन पर सभी जेल कर्मियों को उनकी जिम्मेदारियों का स्मरण कराते हुए चेतावनी दी गई कि कार्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता या मिलीभगत पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के आकस्मिक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, ताकि कारागार व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हो।
इस अवसर पर पीआरओ पुलिस अधीक्षक बस्ती सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी मौजूद रहे। यह आकस्मिक निरीक्षण प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत जेल व्यवस्था को मानवीय, सुरक्षित और कानून के अनुरूप बनाए रखने का सतत प्रयास किया जा रहा है।
परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट
AKP News 786
