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2 Mar 2026, Mon

भारत मुक्ति मोर्चा ने राज्यपाल को भेजा ज्ञापन, मुस्लिम समाज के उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच की मांग

By Aijaz Alam Khan


बस्ती। जनपद में सौहार्द, सामाजिक एकता और शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग को लेकर सोमवार को भारत मुक्ति मोर्चा राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि हिन्दुत्व के नाम पर कुछ अराजक तत्व मुस्लिम समाज के लोगों को डराने-धमकाने का कार्य कर रहे हैं। उनके साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार तथा व्यापारिक गतिविधियों में बाधा डालने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। संगठनों ने प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के उपरांत भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष आर.के. आरतियन ने कहा कि पिछले कई दिनों से थाना पुरानी बस्ती एवं कोतवाली क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों पर मुस्लिम समाज के दुकानदारों, महिलाओं और बच्चों को बिना किसी वैधानिक आदेश के प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोप है कि दुकानदारों से जबरन पहचान पत्र मांगे जा रहे हैं तथा उन्हें भयभीत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में भी पूरे समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं। ऐसी घटनाओं से मुस्लिम समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और मूलनिवासी बहुजन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बहुजन मुक्ति पार्टी के मंडल अध्यक्ष हृदय गौतम एवं मंडल उपाध्यक्ष राम सुमेर यादव ने कहा कि कुछ लोग हिन्दुत्व और सनातन के नाम पर जनपद का शांतिपूर्ण माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इससे व्यापार और रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है तथा आम नागरिकों में भय का वातावरण बनता जा रहा है।
नेताओं ने मांग की कि शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. रिफाकत अली, भालचंद यादव (एडवोकेट), एजाज खान, दीपक कुमार, चंद्रिका प्रसाद, डॉ. आर.के. आनंद, तारिक आदिल, कमर अहमद, नदीम खान, जिशान, चंद्र प्रकाश गौतम, दिवाकर, सलमान शाह, शिवा, इमरान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संगठनों ने स्पष्ट किया कि बस्ती जनपद की पहचान आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब से है, जिसे किसी भी सूरत में कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। प्रशासन से अपील की गई कि समय रहते प्रभावी कदम उठाकर जिले में अमन-शांति और सामाजिक समरसता कायम रखी जाए।

AKP News 786