
कैली अस्पताल स्थित रघुवंश पुरी शिव मंदिर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया मकर संक्रांति उत्सव
बस्ती: कैली अस्पताल स्थित रघुवंश पुरी शिव मंदिर परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से मकर संक्रांति उत्सव श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ भव्य रूप से मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, माताएं, बहनें एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकता की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सिद्धार्थ इंडस्ट्रीज के चेयरपर्सन अवधेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि मकर संक्रांति उत्सव भारतीय संस्कृति का अत्यंत पावन पर्व है। हमारे पूर्वजों ने इस दिन के महत्व को सदियों पहले ही स्थापित कर दिया था। इस पर्व पर गंगा, सरयू जैसी पवित्र नदियों में स्नान कर अन्नदान की परंपरा निभाई जाती है, जो समाज में सेवा और त्याग की भावना को मजबूत करती है।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक ऋषि ने कहा कि आज मकर संक्रांति उत्सव केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व के लगभग 16 देशों में मनाया जाता है। यह पर्व हमारी सनातन परंपराओं की वैश्विक पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने में सबसे बड़ी भूमिका निभाती है।
उन्होंने आगे कहा कि गांवों के देवी-देवता, डीह बाबा जैसी लोक आस्थाएं आज भी समाज में जीवित हैं, तो उसके पीछे मातृशक्ति का ही योगदान है। मकर संक्रांति के अवसर पर संपूर्ण हिंदू समाज पवित्र नदियों में स्नान कर मोक्ष की कामना करता है और दान-पुण्य के माध्यम से सामाजिक संतुलन बनाए रखता है।
विभाग प्रचारक ऋषि ने कहा कि हमारे रीति-रिवाज और परंपराएं आज भी सुरक्षित हैं, तो उसका पूरा श्रेय मातृशक्ति को जाता है। मां को जीवन का प्रथम गुरु माना गया है। यह पर्व किसी एक वर्ग या जाति का नहीं, बल्कि सर्व समाज का उत्सव है। हम सब हिंदू हैं और हमारे पर्व हमें एकजुट रहने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने हिंदू समाज के 16 संस्कारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक हर संस्कार में सभी जातियों और वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। यह व्यवस्था हमारे पूर्वजों ने इसलिए बनाई ताकि हिंदू समाज हमेशा संगठित और मजबूत बना रहे।

अपने विचारों को उदाहरण के माध्यम से समझाते हुए उन्होंने कहा कि जैसे खिचड़ी बनाने में दाल, चावल, सब्जी और मसालों का संतुलन जरूरी होता है, तभी वह स्वादिष्ट और पौष्टिक बनती है। उसी प्रकार जब समाज की सभी जातियां और वर्ग मिलकर रहते हैं, तभी एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण होता है।
कार्यक्रम में सिद्धार्थ बजाज के मालिक सिद्धार्थ शंकर मिश्रा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाह आशीष, जिला प्रचारक सर्वेंद्र, नगर कार्यवाह आशीष, गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला, धर्मेंद्र तिवारी, श्रद्धेय पाल, अमरेश पांडे, धीरज त्रिपाठी, प्रमोद पांडेय, रामविनय पाण्डेय, विहिप जिलाध्यक्ष गोपेश पाल, पूर्व विधायक दयाराम चौधरी सहित सैकड़ों की संख्या में माताएं और बहनें उपस्थित रहीं।
समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि मकर संक्रांति उत्सव केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक जीवित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट
AKP News 786
