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2 Mar 2026, Mon

वाराणसी से ख्वाजा गरीब नवाज़ के दरबार तक तिरंगा चादर का सफ़र, 34 वर्षों से जारी भाईचारे की मिसाल

By Aijaz Alam Khan

वाराणसी।
सूफी परंपरा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन चुका तिरंगा चादर चढ़ाने का सिलसिला इस वर्ष भी पूरे अकीदत और श्रद्धा के साथ जारी रहेगा। हर साल की तरह इस बार भी शेख रमजान अली के नेतृत्व में वाराणसी से 25 अकीदतमंदों का एक जत्था अजमेर शरीफ स्थित ख्वाजा गरीब नवाज़ साहब के दरबार में तिरंगा चादर चढ़ाने के लिए रवाना होगा।


यह जत्था दिनांक 20 दिसंबर 2025 को बनारस स्टेशन से शिव गंगा एक्सप्रेस द्वारा प्रस्थान करेगा। इससे पूर्व दिनांक 18 दिसंबर 2025 को तिरंगा चादर को लाट मस्जिद स्थित मखदूम शाह बाबा के आस्ताने पर अकीदतमंदों की ज़ियारत के लिए खोला गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने चादर की ज़ियारत कर दुआएं मांगीं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पार्षद हाजी ओकास अंसारी तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दुर्गा प्रसाद गुप्ता उपस्थित रहे। हाजी ओकास अंसारी ने कहा कि शेख रमजान अली के नेतृत्व में यह कारवां पिछले 34 वर्षों से लगातार ख्वाजा गरीब नवाज़ साहब के दरबार में तिरंगा चादर चढ़ाता आ रहा है, जो गंगा-जमुनी तहज़ीब और देश की एकता का जीवंत उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि यह जत्था दिल्ली पहुंचकर सबसे पहले हजरत निजामुद्दीन औलिया के दरबार में चादर चढ़ाएगा, इसके बाद अजमेर शरीफ पहुंचकर ख्वाजा गरीब नवाज़ साहब के 6 के कुल पर तिरंगा चादर पेश की जाएगी। दरगाह में तीन कुल कर देश की तरक्की, लोगों के रोजगार में बरकत, आपसी भाईचारे और मुल्क में अमन-ओ-अमान के लिए विशेष दुआ की जाएगी।
इस मौके पर शेख रमजान अली, मन्नू शर्मा, बबलू अंसारी, शमशेर उर्फ भाटोला, कल्लू, अहमद, मन्नान बाबा, अनवर अंसारी, शहजादी बेगम, सितारा बेगम, कुद्दूश, हाजी लल्लन, फरीदुर्रहमान बेलाल, अल्तमस सहित अनेक अकीदतमंद मौजूद रहे।
तिरंगा चादर का यह सफ़र न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि देश में सौहार्द, एकता और आपसी सद्भाव का मजबूत संदेश भी देता है।

रिज़वान खान की रिपोर्ट
AKP NEWS 786