बस्ती।
नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पाल्हा स्थित श्रीराम जानकी मंदिर से हुई चोरी की घटना का मात्र 24 घंटे के भीतर सफल अनावरण कर दिया। पुलिस ने न सिर्फ चोरी गए देवी-देवताओं के सभी चांदी के मुकुटों को शत-प्रतिशत बरामद किया, बल्कि इस संगीन अपराध में संलिप्त शातिर अभियुक्त को भी गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता और तत्परता का स्पष्ट संदेश गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 15 दिसंबर 2025 को ग्राम पाल्हा बाग स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में अज्ञात चोर द्वारा दिनदहाड़े चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। मंदिर में विराजमान देवी-देवताओं के बहुमूल्य रत्नों व चांदी के आभूषण, विशेष रूप से मुकुट, चोरी कर लिए गए। शाम करीब 4 बजकर 45 मिनट पर इस घटना की सूचना पुलिस को पीआरबी के माध्यम से प्राप्त हुई, जिसके बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना नगर में तत्काल मुकदमा संख्या 300/2025 धारा 305 बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। मामले के अनावरण के लिए थानाध्यक्ष नगर श्री विश्वमोहन राय के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम में चौकी प्रभारी करहली उपनिरीक्षक सर्वेश कुमार चौधरी सहित अन्य पुलिसकर्मियों को लगाया गया।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और गहन छानबीन के आधार पर तेजी से जांच आगे बढ़ाई। इसी क्रम में दिनांक 16 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 12 बजकर 45 मिनट पर ग्राम पाल्हा स्थित डिहवा चौराहे से अभियुक्त संदीप पुत्र रामचंद्र, निवासी ग्राम सूअरहा, थाना लालगंज, जनपद बस्ती को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्त की उम्र करीब 27 वर्ष बताई जा रही है।
गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त के कब्जे से चोरी किए गए चांदी के कुल पांच मुकुट बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त एक कीपैड मोबाइल फोन तथा 490 रुपये नकद भी पुलिस ने जब्त किए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली, क्योंकि मंदिर से चोरी गए सभी मुकुट सुरक्षित रूप से मिल गए, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली इस घटना का संतोषजनक समाधान हो सका।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्त संदीप एक शातिर अपराधी है, जिसका आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। उसके खिलाफ पूर्व में चोरी, अवैध शस्त्र रखने, अपहरण, यौन अपराध, पॉक्सो एक्ट तथा एससी/एसटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि अभियुक्त आदतन अपराधी है और समाज के लिए खतरा बना हुआ था।
थानाध्यक्ष नगर श्री विश्वमोहन राय ने बताया कि पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अपराध का खुलासा करना था, बल्कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर आमजन में विश्वास कायम करना भी है। उन्होंने कहा कि मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपराधिक घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक सर्वेश कुमार चौधरी, कांस्टेबल सतेंद्र यादव, कांस्टेबल आनंद सिंह, हेड कांस्टेबल देवेश यादव (सर्विलांस सेल), महिला आरक्षी शालू वर्मा, महिला आरक्षी निकिता तथा महिला आरक्षी श्वेता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम की सक्रियता और समन्वय के चलते यह मामला समय रहते सुलझाया जा सका।
फिलहाल अभियुक्त के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अभियुक्त ने इससे पहले और किन-किन स्थानों पर इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है। नगर पुलिस की इस कार्रवाई की क्षेत्रवासियों ने सराहना की है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में पुलिस इसी तरह सख्ती से पेश आएगी।
–परमानन्द मिश्रा की रिपोर्ट
AKP News 786
