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2 Mar 2026, Mon

ABVP National Youth Day Basti: स्वामी विवेकानंद जयंती पर युवा महोत्सव, राष्ट्रनिर्माण का संकल्प

By Aijaz Alam Khan

ABVP National Youth Day Basti

ABVP National Youth Day Basti: स्वामी विवेकानंद जयंती पर युवा महोत्सव, राष्ट्रनिर्माण का संकल्प

ABVP National Youth Day Basti के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बस्ती नगर इकाई द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती) के पावन अवसर पर एक भव्य, प्रेरणादायी एवं वैचारिक युवा महोत्सव का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह, बस्ती में अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों और गणमान्य अतिथियों की सहभागिता रही।

कार्यक्रम का मूल उद्देश्य स्वामी विवेकानंद जी के राष्ट्रवादी, आत्मबल से परिपूर्ण और युवाओं को जागृत करने वाले विचारों को आज की युवा पीढ़ी से जोड़ना था, ताकि वे आत्मविश्वासी, कर्तव्यनिष्ठ और राष्ट्रसेवा के लिए सदैव प्रतिबद्ध बन सकें।

युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी – अरविंद पाल

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजसेवी श्री अरविंद पाल जी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरक उद्बोधन में कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। उन्होंने कहा कि यदि युवा सही दिशा, सही विचार और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ता है, तो समाज और राष्ट्र स्वतः ही प्रगति के मार्ग पर अग्रसर हो जाता है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में सामाजिक सेवा, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। ABVP National Youth Day Basti जैसे आयोजन युवाओं को सही मार्गदर्शन देने का सशक्त माध्यम हैं।

ABVP National Youth Day Basti

ABVP की वैचारिक भूमिका पर प्रकाश – ऋषि जी

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विभाग प्रचारक श्री ऋषि जी ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की वैचारिक पृष्ठभूमि, अनुशासित संगठनात्मक कार्यप्रणाली और युवाओं के चरित्र निर्माण में उसकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि आत्मबल, आत्मविश्वास और राष्ट्रबोध से युक्त युवा ही सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकता है। उन्होंने युवाओं से संगठन के माध्यम से राष्ट्रसेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

विवेकानंद का संदेश जीवन की दिशा है – डॉ. विनय तिवारी

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. विनय तिवारी ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन दर्शन, उनके ओजस्वी विचारों और युवाओं के प्रति उनके अटूट विश्वास को गहराई से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संदेश केवल प्रेरणादायक नहीं, बल्कि जीवन जीने की स्पष्ट दिशा प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, लक्ष्य के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयास ही युवाओं को महान बनाते हैं। ABVP National Youth Day Basti जैसे कार्यक्रम युवाओं को अपने जीवन में इन मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर देते हैं।

ABVP National Youth Day Basti

संगठित युवा ही बनाएंगे भारत को विश्वगुरु – पुनीत अग्रवाल

इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री श्री पुनीत अग्रवाल जी ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा कि संगठित, विचारवान और संस्कारित युवा ही भारत को आत्मनिर्भर और विश्वगुरु बना सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का लक्ष्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और राष्ट्रभक्ति के संस्कार विकसित करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में सहभागी बनें।

शिक्षा का उद्देश्य राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व – डॉ. मनोज सिंह

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. मनोज सिंह जी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने युवाओं को वैचारिक स्पष्टता, सामाजिक संवेदनशीलता और नैतिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

ABVP National Youth Day Basti

स्वागत उद्बोधन और ओजपूर्ण कविता

कार्यक्रम के संयोजक श्री शिखर सिंह जी ने स्वागत उद्बोधन के माध्यम से सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने युवाओं को समर्पित अपनी ओजपूर्ण कविता के माध्यम से पूरे सभागार को प्रेरणा से भर दिया—

“जब युवा विचार बन जाता है, तब समय भी रुककर सुनता है,
एक संकल्प की चिंगारी से, राष्ट्र भविष्य चुनता है।”

दृढ़ संकल्प के साथ हुआ समापन

ABVP National Youth Day Basti कार्यक्रम का समापन स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों को आत्मसात करने, राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और संगठित युवा शक्ति के निर्माण के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ।

कार्यक्रम में युवाओं की उत्साहपूर्ण और अनुशासित सहभागिता देखने को मिली, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणास्रोत हैं।

रिजवान खान की रिपोर्ट

AKP News 786