G20 Summit एक बार फिर ग्लोबल राजनीति, अर्थव्यवस्था और जलवायु बदलाव के मुद्दों पर दुनिया की नज़रें केंद्रित कर गया। इस बार भारत की भूमिका बेहद मजबूत दिखी, और PM Modi ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने के लिए
6-पॉइंट एजेंडा पेश किया।

दूसरी ओर, जलवायु परिवर्तन पर एक नई डील बनी, जबकि अमेरिका के बायकॉट ने बैठक के समीकरण बदल दिए। यहाँ पढ़ें सम्मेलन के
पाँच बड़े निष्कर्ष
1. PM Modi का 6-पॉइंट एजेंडा हुआ वैश्विक चर्चा का केंद्रPM Modi ने वैश्विक विकास के लिए छह अहम सुझाव रखे—ग्लोबल साउथ की आवाज़ को प्राथमिकताआतंकवाद के खिलाफ एकजुट अभियानडिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तारसस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए साझा फंडखाद्य सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय गठबंधनटेक्नोलॉजी शेयरिंग की नई नीतियह एजेंडा कई देशों ने खुलकर सराहा और इसे भविष्य का रोडमैप बताया।
2. क्लाइमेट डील पर बड़ी प्रगतिसम्मेलन में जलवायु परिवर्तन को लेकर एक नई क्लाइमेट ऐक्शन डील हुई, जिसमें कार्बन कटौती के लक्ष्य को कड़ा किया गया। विकसित देशों पर अधिक जिम्मेदारी तय हुई और विकासशील देशों को फंडिंग की गारंटी देने पर सहमति बनी।
3. US बायकॉट ने बढ़ाया तनावअमेरिका द्वारा कुछ सत्रों का बायकॉट करने से माहौल गर्म रहा। अमेरिकी प्रतिनिधि मंडल ने भू-राजनीतिक मुद्दों को वजह बताया, लेकिन इससे सहयोगी देशों में असंतोष भी दिखा। कई नेताओं ने इसे “अस्वस्थ संकेत” कहा।
4. ग्लोबल इकॉनमी पर संयुक्त बयानG20 देशों ने मंदी की आशंका से निपटने के लिए संयुक्त बयान जारी किया। इसमें—सप्लाई चेन सुधारडिजिटल ट्रेड को बढ़ावाक्रिप्टो रेगुलेशन का फ्रेमवर्कपर बड़ी सहमति बनी।
5. भारत की कूटनीति रही सबसे मजबूतभारत ने न सिर्फ नेतृत्व किया बल्कि देशों के बीच संवाद को नई दिशा दी। समिट के हर सत्र में भारत की भूमिका निर्णायक रही।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने इसे “India’s Most Influential G20 Performance” बताया।
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