राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक बड़ा बयान दिया है जो देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में दिए गए उनके बयान — Mohan Bhagwat Muslims in RSS statement 2025 — ने समाज और राजनीति दोनों में नई बहस छेड़ दी है।दरअसल, एक संवाद कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत से सवाल किया गया कि “क्या मुसलमान भी RSS में शामिल हो सकते हैं?”इस

पर उन्होंने जवाब दिया, “जो भारत को अपनी माता मानता है और इसकी संस्कृति का सम्मान करता है, वह संघ का हिस्सा बन सकता है।”यही
बयान अब Mohan Bhagwat Muslims in RSS statement 2025 के नाम से ट्रेंड कर रहा है।भागवत के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि संघ का दृष्टिकोण केवल धर्म पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और भारतीयता (Bharatiyata) पर आधारित है। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, बांटना नहीं।समाज में नया संदेशMohan Bhagwat Muslims in RSS statement 2025 के बाद से सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर जबरदस्त चर्चा हो रही है। कुछ लोगों ने इस बयान का स्वागत किया है और कहा कि यह भारत की एकता और विविधता का प्रतीक है। वहीं, कुछ लोगों ने इसे एक रणनीतिक बयान बताया है जिसका उद्देश्य संघ की छवि को व्यापक बनाना है।भागवत ने अपने बयान में यह भी कहा कि संघ का काम लोगों को जोड़ना है, चाहे वे किसी भी धर्म या जाति से क्यों न हों। उनका कहना था कि “हमारा राष्ट्र धर्म या मजहब से नहीं, बल्कि साझा संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रभक्ति से जुड़ा हुआ है।”राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं Mohan Bhagwat Muslims in RSS statement 2025 पर राजनीतिक गलियारों में भी प्रतिक्रियाएं आईं।कुछ नेताओं ने इसे सकारात्मक पहल बताया, तो कुछ ने सवाल उठाए कि क्या संघ वास्तव में मुस्लिम समुदाय को अपने साथ जोड़ेगा।RSS समर्थकों का कहना है कि मोहन भागवत का यह बयान देश में धार्मिक एकता और सामंजस्य को मजबूत करने वाला है। वहीं आलोचकों का कहना है कि केवल बयान से नहीं, बल्कि व्यवहारिक कदमों से यह विश्वास बनाना होगा।राष्ट्रीय एकता का संदेशभागवत ने अपने बयान में कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है। उन्होंने दोहराया कि संघ का उद्देश्य किसी धर्म का विरोध नहीं, बल्कि हर भारतीय को एकता और राष्ट्रभक्ति के सूत्र में बांधना है।Mohan Bhagwat Muslims in RSS statement 2025 के जरिए उन्होंने यह भी संकेत दिया कि संघ अपने विचारों को समय के साथ और समावेशी बनाना चाहता है।भविष्य की दिशाविशेषज्ञों का मानना है कि Mohan Bhagwat Muslims in RSS statement 2025 आने वाले समय में RSS की नीति और उसकी सामाजिक छवि दोनों पर असर डालेगा। इस बयान से यह संदेश गया है कि संगठन अब अपने संवाद का दायरा बढ़ाना चाहता है ताकि समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके।यह बयान भारतीय राजनीति में सांप्रदायिक सौहार्द, एकता और पहचान पर नई चर्चा शुरू कर रहा है। चाहे इसे राजनीतिक रणनीति कहा जाए या सच्चे बदलाव की कोशिश, इतना तय है कि Mohan Bhagwat Muslims in RSS statement 2025 ने देश में संवाद का एक नया अध्याय खोल दिया है।—
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