Breaking
2 Mar 2026, Mon

NALSA reach remotest corners 2025: न्याय की किरण अब देश के हर कोने तक — जस्टिस सूर्यकांत का बड़ा बयान

नई दिल्ली: NALSA reach remotest corners 2025 के तहत भारत की न्याय प्रणाली ने एक नया मील का पत्थर छू लिया है। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आज राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की पहुँच देश के सबसे दूरदराज़ और पिछड़े इलाकों तक हो चुकी है, जहाँ पहले न्याय की आवाज़ नहीं पहुँची थी।

उन्होंने बताया कि NALSA ने उन लोगों तक मदद पहुँचाई है जो पहले “unseen and unheard” थे — यानी जिन्हें न तो कोई सुनता था और न कोई देखता था। यह पहल देश के ग्रामीण, आदिवासी और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है।

न्याय सबके लिए — अब एक हकीकत
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि “न्याय सबके लिए” अब केवल एक नारा नहीं बल्कि एक सच्चाई बन गया है। पिछले कुछ वर्षों में NALSA ने लाखों गरीब और वंचित नागरिकों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के मामलों में तेजी से न्याय सुनिश्चित किया जा रहा है।

टेक्नोलॉजी और कानूनी सेवा का संगम
NALSA ने आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए ई-लीगल सर्विस प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग भी मोबाइल के ज़रिए कानूनी सलाह प्राप्त कर सकते हैं। यह डिजिटल बदलाव NALSA को ‘People’s Justice Mission’ में तब्दील कर रहा है।

समाज के हर तबके तक न्याय पहुँचाने का मिशन
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि आज भारत में न्याय केवल अदालतों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर गाँव, हर पंचायत और हर मोहल्ले में उसकी पहुँच बढ़ रही है। NALSA reach remotest corners 2025 इस दिशा में देश की सबसे बड़ी सफलता है।

उन्होंने इस अवसर पर वकीलों, पैरालीगल वॉलंटियर्स और न्याय सेवाओं से जुड़े लोगों की सराहना की जिन्होंने इस मुहिम को जमीनी स्तर पर सफल बनाया।

आगे की राह
NALSA का उद्देश्य अब अगले चरण में हर जिले में “Legal Aid Camp” स्थापित करना है ताकि हर नागरिक को न्याय तक पहुँच मिले। यह केवल कानून की बात नहीं, बल्कि मानवता की जीत है।

“न्याय वहीं है जहाँ हर व्यक्ति की आवाज़ सुनी जाती है।” — जस्टिस सूर्यकांत