Breaking
17 Apr 2026, Fri

गंदगी और जलजमाव से जूझ रहा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, छात्राओं की सेहत पर मंडरा रहा खतरा

By Aijaz Alam Khan (Editor)

बस्ती। नगर पंचायत क्षेत्र के राजा उदय प्रताप नगर गेट के पास स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय इन दिनों बदहाली और अव्यवस्था का शिकार बना हुआ है। विद्यालय के मुख्य प्रवेश मार्ग के आसपास कूड़े-करकट का अंबार लगा है, वहीं जर्जर चहारदीवारी से लेकर मुख्य गेट तक जलजमाव की भयावह स्थिति बनी हुई है।


सड़ते हुए खर-पतवार, प्लास्टिक कचरे और गंदे पानी से उठती दुर्गंध के कारण यहाँ अध्ययनरत लगभग 120 छात्राएँ, वार्डन तथा 16 स्टाफ सदस्य गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं। विद्यालय के मुख्य द्वार के पास की स्थिति इतनी दयनीय है कि स्थानीय लोग इसे “नरक समान” बता रहे हैं। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और बदबू के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है।


विद्यालय परिसर में रहने वाली छात्राओं और स्टाफ के बीच चर्चा है कि लगातार जलजमाव और गंदगी के कारण कई छात्राओं को त्वचा संबंधी एलर्जी और लाल चकत्तों की समस्या हो रही है। स्वच्छता के अभाव में स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।


समस्या की जड़ नाली निर्माण का अभाव और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होना बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई अधिकारी और जिम्मेदार व्यक्ति निरीक्षण के लिए आए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है—नतीजा “ढाक के तीन पात” जैसा ही रहा।


गौरतलब है कि इसी विद्यालय को वर्ष 2017 में स्वच्छ विद्यालय का प्रमाण पत्र भी मिल चुका है, किंतु वर्तमान हालात उस सम्मान पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं। विद्यालय परिसर में हरियाली और पौधों की भी कमी दिखाई देती है।
इसी मार्ग से खंड शिक्षा अधिकारी बहादुरपुर एवं ब्लॉक संसाधन केंद्र कार्यालय आने-जाने वाले अधिकारी और कर्मचारी भी गुजरते हैं, बावजूद इसके समस्या का समाधान अब तक नहीं हो सका है।


स्थानीय अभिभावकों और नागरिकों ने संबंधित विभाग से शीघ्र ठोस कार्रवाई कर विद्यालय को गंदगी और जलजमाव से मुक्ति दिलाने की मांग की है, ताकि छात्राओं को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

रिपोर्ट : परमानन्द मिश्रा

AKP News 786