
केन्द्र सरकार की पेंशन नीति के विरोध में 15 दिसंबर को धरना प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा ज्ञापन
बस्ती: केन्द्र सरकार की पेंशन नीति और 8वें वेतन आयोग में पेंशनरों से जुड़े प्रावधानों को शामिल न किए जाने के विरोध में देशभर के पेंशनरों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है। इसी क्रम में 15 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। बस्ती जनपद में भी सेवानिवृत्त कर्मचारी, शिक्षक एवं पेंशनर्स एसोसिएशन की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा जाएगा।
कलेक्ट्रेट स्थित पेंशनर कक्ष में हुई अहम बैठक
इस आंदोलन को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारी शिक्षक एवं पेंशनर्स एसोसिएशन की जनपद इकाई की एक आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट स्थित पेंशनर कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री उदय प्रताप पाल ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी और शिक्षक मौजूद रहे।
8वें वेतन आयोग में पेंशनरों की अनदेखी पर नाराजगी
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जारी 8वें वेतन आयोग के नोटिफिकेशन में पेंशनरों का क्लॉज शामिल न किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे देशभर के पेंशनरों में आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि पेंशनर देश की सेवा के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के हकदार हैं, लेकिन सरकार उनकी अनदेखी कर रही है।
15 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन
उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय राज्य सरकार पेंशनर फेडरेशन के आह्वान पर 15 दिसंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसी कड़ी में बस्ती जनपद में कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा जाएगा।
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
नरेन्द्र बहादुर उपाध्याय ने स्पष्ट कहा कि यह धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार 8वें वेतन आयोग के नोटिफिकेशन में पेंशनरों से संबंधित क्लॉज को शामिल नहीं कर लेती। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि पेंशनरों के अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है।
समन्वय समिति का किया गया गठन
15 दिसंबर को प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं शिक्षक समन्वय समिति का गठन किया गया है। एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष अमरनाथ यादव को इसका संयोजक बनाया गया है। समिति आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी और अधिक से अधिक पेंशनरों को आंदोलन से जोड़ने का कार्य करेगी।
बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील
जिला मंत्री उदय प्रताप पाल ने जनपद के सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों और शिक्षकों से अपील की कि वे 15 दिसंबर को कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना प्रदर्शन में भाग लें। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई पेंशनरों के अस्तित्व और सम्मान की है, जिसे एकजुट होकर ही सफल बनाया जा सकता है।
01 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों का मुद्दा
उ.प्र. राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार पाण्डेय ने कहा कि 01 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग के लाभ से वंचित करने का सरकार का प्रयास किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पेंशनरों के साथ अन्याय है।
पेंशनरों में विभेद का आरोप
कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष अशोक कुमार मिश्र ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार 8वें वेतन आयोग के माध्यम से अंशदायी और गैर-अंशदायी पेंशनरों को अलग-अलग वर्गों में बांटकर पेंशनरों के बीच विभेद पैदा करने की कोशिश कर रही है, जिसे पेंशनर किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे।
मीडिया प्रभारी ने दी जानकारी
एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी लक्ष्मीकान्त पाण्डेय ने बैठक की जानकारी देते हुए सभी पेंशनरों से अपील की कि वे 15 दिसंबर के धरना प्रदर्शन में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पेंशनरों की एकजुटता का प्रतीक बनेगा।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
बैठक में माध्यमिक शिक्षक संघ के मारकण्डेय सिंह, प्रेमशंकर लाल, रामकुमार पाल, सुभाषचन्द्र श्रीवास्तव, चन्द्रप्रकाश पाण्डेय, छोटेलाल यादव, श्रीगोपाल तिवारी, राधेश्याम तिवारी, नरेन्द्रदेव मिश्र, रामचन्द्र शुक्ल, सुरेन्द्रनाथ उपाध्याय, रामधीरज यादव, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, दिनेशचन्द्र श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।
निष्कर्ष
केन्द्र सरकार की पेंशन नीति के विरोध में 15 दिसंबर को होने वाला यह धरना प्रदर्शन पेंशनरों के अधिकारों की लड़ाई का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। पेंशनर संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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रिजवान खान की रिपोर्ट
