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17 Apr 2026, Fri

आसिफ का निकाह: गोरखपुर की मस्जिद में सादगी के साथ अदा हुआ निकाह

गोरखपुर में आसिफ का निकाह मस्जिद में सादगी के साथ

सादगी के साथ मस्जिद में पढ़ाया गया आसिफ का निकाह, समाज को दिया सादे निकाह का संदेश

गोरखपुर: गोरखपुर जनपद में सादगी और सुन्नत के साथ निकाह पढ़ाए जाने की एक मिसाल उस समय देखने को मिली, जब ऑल इंडिया उर्स कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष असरार आलम के पुत्र मुहम्मद आसिफ का निकाह इलाहीबाग स्थित मैदान वाली मस्जिद में सादगीपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस मौके पर किसी भी प्रकार का दिखावा नहीं किया गया और निकाह पूरी तरह इस्लामी तरीके से अदा किया गया।

इलाहीबाग की मस्जिद में अदा हुआ निकाह

मुहम्मद आसिफ का निकाह गोरखपुर के इलाहीबाग क्षेत्र में स्थित मैदान वाली मस्जिद में पढ़ाया गया। निकाह के दौरान दूल्हा और निकाह में शामिल सभी लोग पूरी तरह सादगी में नजर आए। मस्जिद का माहौल दुआओं और फातिहा से गूंजता रहा। निकाह के बाद उपस्थित लोगों ने असरार आलम और उनके बेटे आसिफ को मुबारकबाद पेश की।

ऑल इंडिया उर्स कमेटी के अध्यक्ष ने दी मुबारकबाद

इस अवसर पर ऑल इंडिया उर्स कमेटी के अध्यक्ष मुहम्मद रजा लड्डन खान विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने मुहम्मद आसिफ को गले लगाकर निकाह की मुबारकबाद दी और उनके नए जीवन की शुरुआत के लिए दुआएं कीं। उन्होंने कहा कि निकाह रसूलल्लाह ﷺ की सुन्नत है और इसे सादगी के साथ अदा करना सबसे बड़ा अमल है।

“निकाह इंसान की मुकम्मल जिंदगी का मुकम्मल जहां है”

मुहम्मद रजा लड्डन खान ने अपने संबोधन में कहा कि निकाह केवल एक सामाजिक रस्म नहीं बल्कि इंसान की मुकम्मल जिंदगी का मुकम्मल जहां है। उन्होंने कहा कि अल्लाह तआला हर मुसलमान को यह तौफीक अता फरमाए कि वह निकाह को सुन्नत के मुताबिक अदा करे और फिजूलखर्ची व दिखावे से बचे।

नए जीवन की शुरुआत पर खुशी का इज़हार

लड्डन खान ने कहा कि मुहम्मद आसिफ के जीवन में आज से एक नया अध्याय शुरू हो रहा है, जिसमें वह अपने हमसफर के साथ अल्लाह की रजा के मुताबिक जिंदगी गुजारेंगे। उन्होंने कहा कि निकाह इंसान को पाक रास्ता दिखाता है और समाज को मजबूती प्रदान करता है।

दुल्हे के पिता असरार आलम को दी मुबारकबाद

इस मौके पर मुहम्मद रजा लड्डन खान ने दुल्हे के पिता और ऑल इंडिया उर्स कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष असरार आलम को भी मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि असरार आलम ने अपने बेटे का निकाह सादगी और सुन्नत के साथ कराकर समाज के लिए एक बेहतर उदाहरण पेश किया है। उन्होंने जिम्मेदारी को खूबसूरती से निभाने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।

समाज में सादगी भरे निकाह का संदेश

इस निकाह समारोह ने समाज को यह संदेश दिया कि विवाह जैसे पवित्र रिश्ते को सादगी, इबादत और दुआओं के साथ भी अदा किया जा सकता है। आज के दौर में जहां शादियों में दिखावा और खर्च बढ़ता जा रहा है, वहीं यह निकाह एक सकारात्मक मिसाल बनकर सामने आया।

समाजसेवियों और गणमान्य लोगों की मौजूदगी

निकाह के मौके पर समाजसेवी अशफाक हुसैन मेकरानी, सामाजिक योद्धा मुर्तजा हुसैन रहमानी, सुल्तान खान सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। सभी ने मुहम्मद आसिफ को मुबारकबाद देते हुए उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।

दुआओं के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन

निकाह के बाद दुआ कराई गई, जिसमें दूल्हा-दुल्हन के उज्ज्वल भविष्य, आपसी मोहब्बत और खुशहाल जीवन की कामना की गई। मस्जिद में मौजूद सभी लोगों ने अमन, भाईचारे और समाज की भलाई के लिए दुआ की।

निष्कर्ष

गोरखपुर में मुहम्मद आसिफ का यह निकाह समारोह सादगी, सुन्नत और सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया है। यह आयोजन उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो निकाह को दिखावे की बजाय इबादत और जिम्मेदारी के रूप में देखना चाहते हैं।

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रिजवान खान की रिपोर्ट

AKP News 786