बिना सुनवाई मदरसे सील करना गलत: हाईकोर्ट, 30 मदरसों को खोलने का आदेश
लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए 30 सील किए गए मदरसों को तुरंत खोलने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रशासन ने मदरसों को सुनवाई का मौका दिए बिना ही सील कर दिया, जो कानून के अनुरूप नहीं है।

कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि उन्हें न तो सही तरीके से नोटिस मिला और न ही अपनी बात रखने का अवसर। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्र द्वारा रखे गए तर्कों से सहमत होते हुए पीठ ने कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।
इससे पहले, श्रावस्ती जिले के ढाई दर्जन से अधिक मदरसों को बंद करने के लिए जारी नोटिस को भी हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ रद्द कर चुकी है। जस्टिस पंकज भाटिया की पीठ ने हालांकि सरकार को कानून के अनुसार नए सिरे से नोटिस जारी करने की छूट दी थी।
सरकार ने दलील दी कि कार्रवाई उत्तर प्रदेश गैर-सरकारी अरबी एवं फारसी मदरसा मान्यता नियमावली-2016 के तहत की गई है, लेकिन कोर्ट ने कहा कि नियमों के पालन के साथ-साथ सुनवाई का अवसर देना भी ज़रूरी है। सभी नोटिसों पर एक ही नंबर होने को भी कोर्ट ने गंभीरता से लिया।
