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17 Apr 2026, Fri

भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता: बस्ती में 1 ऐतिहासिक और प्रेरणादायक आयोजन

भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता

By Aijaz Alam Khan

भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता हमारी ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक एकता की सशक्त संरक्षक मानी जाती है। बस्ती जनपद के जी०आर०एस० इंटर कॉलेज के मैदान में नारी शक्ति इवेंट के बैनर तले आयोजित स्वदेशी व्यापार मेला एवं प्रदर्शनी के अंतर्गत नृत्य, गायन, मॉडलिंग एवं चित्रकला प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न केवल कला प्रेमियों को आकर्षित किया, बल्कि भारतीय लोक परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का सराहनीय कार्य भी किया।

इस भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता में बच्चों, युवाओं और कलाकारों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पारंपरिक रंगों, लोक संगीत और सांस्कृतिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। दर्शकों की भारी भीड़ और अभिभावकों की उपस्थिति ने आयोजन की सफलता को और मजबूत किया।

कला, नृत्य और संस्कृति का सशक्त मंच

भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि लोक कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारी पहचान और आत्मा का प्रतीक है। मंच पर प्रस्तुत पारंपरिक नृत्य, भावपूर्ण गीत और रंगीन परिधान दर्शकों को भारत की विविध सांस्कृतिक झलक दिखा रहे थे।

कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य और गायन ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि सही मंच मिले, तो प्रतिभा स्वयं अपनी पहचान बना लेती है। इस आयोजन ने ग्रामीण और शहरी संस्कृति के बीच सेतु का कार्य किया।

नारी शक्ति इवेंट के संस्थापक का विचार

नारी शक्ति इवेंट के संस्थापक निखिल तिवारी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में कला, नृत्य, गायन और आध्यात्म सामुदायिक जीवन का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता जैसे आयोजन बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उनका मानना है कि संगीत और नृत्य बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को विकसित करते हैं। यही कारण है कि ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

सह-संयोजक का प्रेरणादायक संदेश

कार्यक्रम के सह-संयोजक इमरान सिद्दीकी ने कहा कि नफरत के दौर में भी कला प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि संगीत ब्रह्मांड को आत्मा, मन को पंख और कल्पना को उड़ान देता है।

भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता ने यह साबित किया कि कला समाज को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है।

निर्णायक मंडल की प्रतिक्रिया

कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में शामिल प्रसिद्ध नृत्य गुरु मास्टर शिव ने कहा कि भारतीय लोक संस्कृति पर आधारित नृत्य, रंग, रूप, परिधान और प्रस्तुतियों ने पूरे प्रांगण को जीवंत कर दिया।

उन्होंने बताया कि भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता में प्रस्तुत शक्ति नृत्य, शिव तांडव, कृष्ण-राधा रासलीला और राजस्थान की पारंपरिक लोक नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

बाल कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां

इस प्रतियोगिता में बाल कलाकारों ने अपनी कला से सभी का दिल जीत लिया। मंच पर प्रस्तुत हर नृत्य में भारतीय परंपरा, भावनात्मक अभिव्यक्ति और अनुशासन साफ नजर आया।

भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों ने यह दिखाया कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से कितने जुड़े हुए हैं।

प्रतिभागियों की लंबी सूची

नृत्य एवं अन्य प्रतियोगिताओं में ऋतिक, आदित्य, खुशी, प्रिया, राधनि, रिंकू, सेजल, प्रीति, आदविक, रवि, श्रेयांश, निक्की, सुरेंद्र, सिमरन, पलक, आकांक्षा, सपना, रागनी, सोनी, दिशा और अनुराग ने भाग लिया।

गायन प्रतियोगिता में हर्ष एंड टीम, सुनील, वरुण, बलवंत, दर्पण और आश्विका ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

दर्शकों और अभिभावकों की भागीदारी

भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में दर्शक और अभिभावक उपस्थित रहे। बच्चों को मंच पर देखकर अभिभावकों के चेहरों पर गर्व और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।

दर्शकों की तालियों और उत्साहवर्धन ने प्रतिभागियों का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया।

भारतीय लोक संस्कृति के संरक्षण की दिशा में कदम

यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारतीय लोक संस्कृति को संरक्षित करने की दिशा में एक मजबूत कदम था। भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया कि यदि हम अपनी परंपराओं को संजोएंगे, तो आने वाली पीढ़ियां भी अपनी जड़ों से जुड़ी रहेंगी।

इस प्रकार का आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, सांस्कृतिक जागरूकता और एकता को बढ़ावा देता है।

निष्कर्ष

बस्ती में आयोजित भारतीय लोक संस्कृति नृत्य प्रतियोगिता एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक आयोजन साबित हुआ। नारी शक्ति इवेंट के प्रयासों से कला, नृत्य और संगीत को नई पहचान मिली।

यह आयोजन न केवल प्रतिभाओं को मंच देने में सफल रहा, बल्कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा गया। भविष्य में भी ऐसे आयोजनों से समाज को नई दिशा और नई ऊर्जा मिलती रहेगी।

रिपोर्ट रिजवान खान