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17 Apr 2026, Fri

स्कूली वाहन जांच अभियान का सख्त अलर्ट: 15 दिन में होगा बड़ा एक्शन 2026

स्कूली वाहन जांच अभियान

By Editor Aijaz Alam Khan

स्कूली वाहन जांच अभियान

स्कूली वाहन जांच अभियान: 1 अप्रैल से शुरू होगा बड़ा चेकिंग ड्राइव, नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई

स्कूली वाहन जांच अभियान को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है, जिसके तहत 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में स्कूल वाहनों की सख्त जांच शुरू की जाएगी। यह अभियान 15 अप्रैल 2026 तक चलेगा और इसमें सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

हाल के दिनों में स्कूली वाहनों से जुड़े हादसों ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है ताकि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।

हादसों के बाद प्रशासन सख्त

स्कूली वाहन जांच अभियान की जरूरत उस समय महसूस हुई जब अलीगढ़ और आगरा में स्कूल बस से जुड़े गंभीर हादसे सामने आए। इन घटनाओं में लापरवाही के चलते एक छात्रा की जान चली गई थी।

जांच में यह सामने आया कि कई स्कूल बसें जर्जर हालत में संचालित हो रही थीं, जिससे बच्चों की जान खतरे में पड़ रही थी। इसी के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।

1 से 15 अप्रैल तक चलेगा अभियान

स्कूली वाहन जांच अभियान 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक सभी जनपदों में चलाया जाएगा। इस दौरान हर स्कूल वाहन की गहन जांच की जाएगी और सभी जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वाहन बिना फिटनेस और सुरक्षा मानकों के सड़क पर न चले।

किन-किन चीजों की होगी जांच

स्कूली वाहन जांच अभियान के दौरान वाहन के पंजीयन प्रमाण पत्र, फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की जाएगी। इसके अलावा चालक का पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य होगा।

साथ ही चालक के स्वास्थ्य और नेत्र परीक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि बच्चों की सुरक्षा में कोई कमी न रहे।

स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी बढ़ी

स्कूली वाहन जांच अभियान के तहत स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्तर पर परिवहन सुरक्षा समिति का गठन करें। इस समिति में प्रशासनिक अधिकारियों और अभिभावकों को शामिल किया जाएगा।

यह समिति नियमित बैठक कर वाहनों की स्थिति की समीक्षा करेगी और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करेगी।

नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई

स्कूली वाहन जांच अभियान के दौरान यदि कोई वाहन निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें वाहन का पंजीयन निलंबित किया जा सकता है।

गंभीर मामलों में विद्यालय की मान्यता भी रद्द की जा सकती है, जिससे यह स्पष्ट है कि प्रशासन इस बार किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा।

एवरग्रीन संदेश और बच्चों की सुरक्षा

स्कूली वाहन जांच अभियान केवल एक अस्थायी कदम नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। इसका उद्देश्य बच्चों के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करना है।

यह अभियान हर साल स्कूलों और परिवहन विभाग को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करता रहेगा।

अंततः, स्कूली वाहन जांच अभियान यह संदेश देता है कि बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कोई मुद्दा नहीं है। प्रशासन, स्कूल और अभिभावकों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हर बच्चा सुरक्षित तरीके से स्कूल पहुंचे और वापस घर लौटे।

रिजवान खान की रिपोर्ट

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