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21 Apr 2026, Tue

बस्ती साइबर फ्रॉड का खुलासा: APK Cyber Fraud में दो आरोपी गिरफ्तार, लाखों की ठगी का पर्दाफाश

APK Cyber Fraud

By Editor Aijaz Alam Khan

APK Cyber Fraud

बस्ती साइबर फ्रॉड का खुलासा: APK Cyber Fraud में दो आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। APK Cyber Fraud के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए साइबर थाना पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह भोले-भाले लोगों को निशाना बनाकर फर्जी तरीके से आर्थिक ठगी कर रहा था। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से मोबाइल फोन और लैपटॉप समेत कई अहम सबूत बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तारी की पूरी कार्रवाई

दिनांक 05 अप्रैल 2026 को साइबर थाना बस्ती की टीम ने APK Cyber Fraud मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने यह गिरफ्तारी अमहट पुल के आगे फोर लेन सड़क से सुबह करीब 10:30 बजे की।

इस मामले में पहले ही एक आरोपी देवव्रत सिंह को 12 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया जा चुका था। जांच के दौरान ही इन दो अन्य आरोपियों का नाम सामने आया था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

  • हरिओम राय उर्फ रोशन, निवासी गोरखपुर
  • अभिषेक साहनी उर्फ योगेश, निवासी गोरखपुर

दोनों आरोपी लंबे समय से साइबर फ्रॉड के इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे और सक्रिय रूप से ठगी को अंजाम दे रहे थे।

बरामद किए गए सामान

पुलिस ने आरोपियों के पास से कई महत्वपूर्ण उपकरण बरामद किए हैं, जो APK Cyber Fraud में इस्तेमाल किए जा रहे थे।

  • 03 मोबाइल फोन (2 एंड्रॉयड, 1 कीपैड)
  • 01 लैपटॉप
  • चार्जर और माउस

इन उपकरणों के माध्यम से आरोपी लोगों को फंसाने और ट्रांजैक्शन को अंजाम देने का काम करते थे।

कैसे करते थे साइबर ठगी?

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फर्जी CSC ID बनाकर लोगों को ठगते थे। APK Cyber Fraud के तहत यह गिरोह डिजिटल सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रहा था।

आरोपी अपने गिरोह के अन्य सदस्यों से पैसे CSC वॉलेट में मंगाते थे और फिर उन पैसों से बिजली बिल और LIC प्रीमियम जमा करते थे।

ठगी का तरीका

  • फर्जी CSC ID तैयार करना
  • वॉलेट में अवैध रकम मंगवाना
  • बिल और प्रीमियम जमा करना
  • लोगों से नगद वसूली करना
  • CDM मशीन से रकम ट्रांसफर करना

इस पूरी प्रक्रिया में आरोपी 10 से 15 प्रतिशत तक कमीशन लेते थे।

लाखों रुपये का लेनदेन

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने APK Cyber Fraud के जरिए लाखों रुपये का लेनदेन किया है।

अभिषेक द्वारा करीब 10 से 12 लाख रुपये और हरिओम द्वारा 20 से 22 लाख रुपये CDM मशीन के जरिए जमा किए गए थे।

यह रकम गिरोह के अन्य सदस्यों के खातों में ट्रांसफर की जाती थी, जिससे इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

पुलिस टीम की अहम भूमिका

इस सफलता में साइबर थाना बस्ती की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने तकनीकी और सर्विलांस की मदद से आरोपियों को ट्रैक कर गिरफ्तार किया।

  • प्रभारी निरीक्षक कुलदीप कुमार त्रिपाठी
  • निरीक्षक भगवान सिंह
  • हेड कांस्टेबल ऋषिवेद तिवारी
  • हेड कांस्टेबल अंगद मौर्या

टीम की सतर्कता और तेज कार्रवाई से इस APK Cyber Fraud गिरोह का पर्दाफाश हो सका।

बस्ती में सामने आया यह APK Cyber Fraud मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है, बल्कि लोगों को भी जागरूक होने का संदेश मिला है। ऐसे मामलों में सतर्कता और जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है।

यदि आप किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि का सामना करते हैं, तो तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करें।

परमानंद मिश्रा की रिपोर्ट

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