पंचायत चुनाव कार्यकाल बढ़ाने की मांग

पंचायत चुनाव कार्यकाल बढ़ाने की मांग: राना दिनेश प्रताप सिंह ने सरकार से की अपील
बस्ती, 09 अप्रैल: पंचायत चुनाव कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राना दिनेश प्रताप सिंह ने सरकार के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा है कि यदि पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पाते हैं, तो प्रशासकों की नियुक्ति के बजाय निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए।
इस संबंध में राना दिनेश प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर को पत्र लिखकर अपनी बात विस्तार से रखी है। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि विभिन्न सरकारी सर्वे और चुनावी प्रक्रिया में लगने वाले समय के कारण त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर कराना मुश्किल नजर आ रहा है।
प्रशासक नियुक्ति का विरोध
पंचायत चुनाव कार्यकाल बढ़ाने की मांग करते हुए राना ने स्पष्ट रूप से प्रशासकों की नियुक्ति का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों और जनचर्चा के अनुसार, सरकार पंचायत चुनाव टलने की स्थिति में सरकारी कर्मियों को प्रशासक बनाकर विकास कार्य कराने पर विचार कर रही है।
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए कहा कि गांव की सरकार को नौकरशाही के हाथों में सौंपना उचित नहीं होगा। इससे न केवल लोकतंत्र का अपमान होगा, बल्कि आम जनता को भी अपनी समस्याओं के समाधान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
अनुभव के आधार पर रखी बात
राना दिनेश प्रताप सिंह ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि वह बस्ती जिला पंचायत सदस्य, बहादुरपुर विकास खंड के ब्लॉक प्रमुख और दो बार क्षेत्र पंचायत सदस्य रह चुके हैं। उनके अनुसार, निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा किए गए कार्य प्रशासकों की तुलना में अधिक गुणवत्ता वाले होते हैं।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि सीधे जनता से जुड़े होते हैं, इसलिए वे उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते और उनका समाधान करते हैं।
अन्य राज्यों का उदाहरण
पंचायत चुनाव कार्यकाल बढ़ाने की मांग के समर्थन में राना ने अन्य राज्यों का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि देश के कई राज्यों में चुनाव समय पर न हो पाने की स्थिति में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने का नियम लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
उनका मानना है कि उत्तर प्रदेश में भी इसी मॉडल को अपनाया जाना चाहिए, जिससे विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहे और जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
लोकतंत्र और जनता का हित
राना ने कहा कि यदि पंचायतों का संचालन जनप्रतिनिधियों के बजाय सरकारी अधिकारियों द्वारा किया जाएगा, तो इससे लोकतंत्र की भावना को ठेस पहुंचेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि गांव की सरकार जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के हाथ में ही रहनी चाहिए।
पंचायत चुनाव कार्यकाल बढ़ाने की मांग के जरिए उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह इस विषय पर गंभीरता से विचार करे और ऐसा निर्णय ले जो लोकतंत्र और जनता दोनों के हित में हो।
सरकार से निर्णय की उम्मीद
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजरें राज्य सरकार के निर्णय पर टिकी हैं कि वह इस प्रस्ताव पर क्या कदम उठाती है।
यदि सरकार इस मांग को स्वीकार करती है, तो पंचायत स्तर पर काम कर रहे जनप्रतिनिधियों को राहत मिलेगी और विकास कार्यों में भी निरंतरता बनी रहेगी।
पंचायत चुनाव कार्यकाल बढ़ाने की मांग ने प्रदेश की राजनीति में एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया है, जिस पर आने वाले समय में और बहस होने की संभावना है।
रिजवान खान की रिपोर्ट
यह खबर भी पढ़े। 👇👇👇
/https://akpnews786.com/बस्ती-मासूम-बच्ची-पिटाई-म/
/https://akpnews786.com/भाजपा-बस्ती-संगठन-सशक्त-स/
