मनरेगा नाम बदलने का विरोध
बस्ती। मनरेगा नाम बदलने का विरोध को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने सोमवार को महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया गया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा नाम बदलने का विरोध केवल शब्दों का नहीं, बल्कि गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी इस योजना को कमजोर करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
कांग्रेस का आरोप: नाम बदलने की राजनीति
कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि मनरेगा नाम बदलने का विरोध इसलिए जरूरी है क्योंकि मोदी सरकार केवल योजनाओं के नाम बदलकर अपनी जिम्मेदारी से बचना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आर्थिक संसाधनों को चुनिंदा पूंजीपतियों को सौंपने का काम कर रही है और गरीबों के हितों की अनदेखी हो रही है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार को सच में गरीबों की चिंता होती तो मनरेगा जैसी योजना को मजबूत किया जाता, न कि उसका नाम और स्वरूप बदला जाता। मनरेगा नाम बदलने का विरोध महात्मा गांधी के विचारों और उनके नाम से जुड़ी योजना की रक्षा का प्रतीक है।
मजदूर विरोधी है नई व्यवस्था: कांग्रेस
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. आलोक रंजन ने कहा कि भाजपा की नीति और नियत में खोट है और समय आने पर जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा नाम बदलने का विरोध इसलिए भी जरूरी है क्योंकि नई व्यवस्था मजदूरों के अधिकारों को सीमित करती है और केंद्र का नियंत्रण बढ़ाती है।
अन्य कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार काम के अधिकार की गारंटी को कमजोर कर रही है। मनरेगा नाम बदलने का विरोध दरअसल मजदूरों को निजी खेतों में सस्ते श्रम के रूप में धकेलने की नीति के खिलाफ है।
राज्यों के अधिकारों पर भी हमला
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नई योजना के तहत राज्यों पर खर्च का अतिरिक्त बोझ डाला जाएगा, जबकि नियंत्रण केंद्र सरकार के हाथ में रहेगा। उनका कहना है कि मनरेगा नाम बदलने का विरोध केवल कांग्रेस का मुद्दा नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति की आवाज है जो लोकतांत्रिक अधिकारों में विश्वास करता है।
कांग्रेस ने ऐलान किया कि वह गांव-गांव जाकर इस मुद्दे पर जन-जागरण अभियान चलाएगी और जनता को बताएगी कि मनरेगा नाम बदलने का विरोध क्यों जरूरी है।
बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस विरोध प्रदर्शन में महिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मी यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा नाम बदलने का विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, बस्ती में हुआ यह प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि मनरेगा नाम बदलने का विरोध अब राजनीतिक बहस से निकलकर जन आंदोलन का रूप ले रहा है। कांग्रेस का कहना है कि वह गरीबों, मजदूरों और राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।
रिपोर्ट रिजवान खान
