मिशन शक्ति बस्ती अभियान से महिलाओं में बढ़ी जागरूकता
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में मिशन शक्ति बस्ती अभियान के तहत एक बार फिर महिला सुरक्षा और जागरूकता को लेकर बड़ी पहल देखने को मिली है। मिशन शक्ति बस्ती कार्यक्रम के तहत महिला थाना पुलिस टीम ने शहर के कई प्रमुख स्थानों पर जाकर महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया।

इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और साइबर अपराध से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी देना था। मिशन शक्ति बस्ती के तहत यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
किन-किन स्थानों पर चला अभियान
मिशन शक्ति बस्ती अभियान के दौरान पुलिस टीम ने कटेश्वर पार्क, मालवीय तिराहा, रोडवेज, क्रिसेंट मॉल और कंपनीबाग शिव मंदिर जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं से संवाद किया।
इन स्थानों का चयन इसलिए किया गया ताकि अधिक से अधिक महिलाओं और युवतियों तक जानकारी पहुंचाई जा सके। मिशन शक्ति बस्ती के अंतर्गत यह प्रयास दिखाता है कि प्रशासन हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
महिलाओं को दी गई जरूरी जानकारी
मिशन शक्ति बस्ती अभियान के दौरान महिला थाना प्रभारी डॉ. शालिनी सिंह और उनकी टीम ने महिलाओं को विभिन्न सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से बताया। खासतौर पर साइबर क्राइम से बचने के तरीके और सतर्क रहने की सलाह दी गई।
महिलाओं को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई, जिससे वे किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी या अपराध की स्थिति में तुरंत मदद ले सकें। मिशन शक्ति बस्ती के तहत यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हेल्पलाइन नंबर और पुलिस संपर्क
मिशन शक्ति बस्ती अभियान में महिलाओं को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में भी बताया गया। साथ ही थाना का सीयूजी नंबर 9454404782 भी साझा किया गया।
इस पहल का मकसद यह था कि महिलाएं किसी भी आपात स्थिति में बिना झिझक पुलिस से संपर्क कर सकें। मिशन शक्ति बस्ती ने इस दिशा में भरोसा बढ़ाने का काम किया है।
अपराध के खिलाफ आवाज उठाने की अपील
मिशन शक्ति बस्ती कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के अपराध के खिलाफ आवाज उठाएं। डर और संकोच को छोड़कर आगे आना ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।
इसके साथ ही पांच लोगों से माफीनामा भी भरवाया गया, जो इस बात का संकेत है कि प्रशासन सख्ती के साथ-साथ सुधारात्मक कदम भी उठा रहा है। मिशन शक्ति बस्ती का यह पहलू समाज में अनुशासन और जिम्मेदारी को बढ़ावा देता है।
एवरग्रीन महत्व और सामाजिक प्रभाव
मिशन शक्ति बस्ती जैसे अभियान केवल एक दिन की गतिविधि नहीं हैं, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया है जो समाज को सुरक्षित और जागरूक बनाने का काम करती है।
आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में मिशन शक्ति बस्ती की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह अभियान महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करता है।
अंत में कहा जा सकता है कि मिशन शक्ति बस्ती अभियान ने यह साबित कर दिया है कि जब प्रशासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बदलाव संभव है। जागरूकता ही सुरक्षा की कुंजी है और ऐसे अभियान इस दिशा में अहम भूमिका निभाते हैं।
रिपोर्ट : रिजवान खान
