अवैध खनन बस्ती
अवैध खनन बस्ती: प्रशासन पर भारी माफिया, कार्रवाई न हुई तो आंदोलन की चेतावनी
अवैध खनन बस्ती का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। सोमवार को विश्व हिन्दू महासंघ के जिलाध्यक्ष अखिलेश सिंह और सामाजिक कार्यकर्ता पंकज सिंह ने एक निजी होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में खनन नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।
खनन नियमों की उड़ रही धज्जियां
नेताओं ने बताया कि जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बावजूद खनन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कुछ ठेकेदार दबंगई और कथित रिश्वत के बल पर नियम-कानूनों को तोड़ रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है।
दसिया में अवैध खनन का आरोप
जानकारी के अनुसार सल्टौआ गोपालपुर विकास खंड के दसिया क्षेत्र में एक शराब फैक्ट्री निर्माण के लिए करीब 300 बीघे में अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। आरोप है कि खनन माफियाओं की मिलीभगत से यह कार्य जारी है और प्रशासन इस पर रोक लगाने में विफल साबित हो रहा है।
अखिलेश सिंह ने कहा कि एक दबंग ठेकेदार पूरे सिस्टम पर हावी है और खनन अधिकारी किसी प्रभाव में आकर चुप्पी साधे हुए हैं।
आंदोलन की चेतावनी
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
छवि धूमिल करने वालों पर कार्रवाई की मांग
नगर थाना क्षेत्र के महरीपुर निवासी पंकज सिंह ने बताया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में निराधार पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
अवैध खनन बस्ती अब एक गंभीर प्रशासनिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
रिजवान खान की रिपोर्ट
AKP News 786
