कुवानो नदी प्रदूषण बस्ती
कुवानो नदी प्रदूषण बस्ती: ABVP का बड़ा एक्शन, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
कुवानो नदी प्रदूषण बस्ती का मुद्दा अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), बस्ती द्वारा “कुवानो संरक्षण अभियान” के अंतर्गत जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से जिलाधिकारी को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया। इस पहल का उद्देश्य कुवानो नदी में बढ़ते प्रदूषण और जल अवरोध की समस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है।
अमहट क्षेत्र में पुल के अवशेष बने संकट
ज्ञापन में विशेष रूप से अमहट क्षेत्र में वर्षों पूर्व ध्वस्त हो चुके पुल के अवशेषों से उत्पन्न समस्या को उठाया गया। लगभग 6–7 वर्ष पहले गिरा यह पुल आज भी नदी के भीतर पड़ा हुआ है, जिससे जल प्रवाह बाधित हो रहा है। इसके कारण पानी ठहर रहा है और गंदगी जमा होकर जल की गुणवत्ता को खराब कर रही है।
दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। पुल के जंग लगे लोहे और मलबे से जल प्रदूषण और अधिक बढ़ रहा है, जिससे जलजीवों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
औद्योगिक अपशिष्ट से बढ़ी समस्या
गणेशपुर क्षेत्र स्थित पेपर मिल द्वारा समय-समय पर नदी में छोड़े जा रहे औद्योगिक अपशिष्ट को भी गंभीर मुद्दा बताया गया। इस अपशिष्ट के कारण नदी का जल दूषित हो रहा है और उसकी गुणवत्ता लगातार गिर रही है।
इस प्रदूषण का असर केवल जलजीवों तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। पशुओं के लिए यह पानी अनुपयोगी होता जा रहा है और कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
ABVP की प्रशासन से मांग
ABVP ने प्रशासन से मांग की है कि इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों द्वारा जांच कराई जाए और शीघ्र प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन का कहना है कि समय रहते कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि कुवानो नदी का संरक्षण किया जा सके।
पदाधिकारियों के बयान
गोरक्ष प्रांत के प्रांत SFD संयोजक अमरेंद्र पाण्डेय ने कहा कि कुवानो नदी क्षेत्र की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।
जिला मीडिया संयोजक मारुत पाण्डेय ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या विकराल रूप ले सकती है और संगठन आंदोलन तेज करेगा।
नगर सह मंत्री अनन्या ने कहा कि कुवानो नदी का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए जनजागरूकता जरूरी है।
प्रांत RKM संयोजक स्निग्धा ने कहा कि यह मुद्दा पर्यावरण के साथ-साथ जनस्वास्थ्य से भी जुड़ा है, इसलिए प्रशासन और समाज दोनों को मिलकर प्रयास करना होगा
कुवानो नदी प्रदूषण बस्ती अब केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह जनजीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर संकट बन चुका है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में इसके परिणाम और अधिक गंभीर हो सकते हैं।
रिजवान खान की रिपोर्ट
AKP News 786
